RIICO ने बढ़ाया औद्योगिक विकास का कदम, RFC को 50 करोड़ की अंश पूंजी मदद। राजस्थान में MSME को मिलेगा सहारा, RIICO ने RFC को दिए 20 करोड़।
Investment in Rajasthan: जयपुर.राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति देने और वित्तीय संस्थानों को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राजस्थान सरकार ने रीको (RIICO) के माध्यम से राजस्थान वित्त निगम (RFC) को 50 करोड़ रुपए की अंश पूंजी सहयोग देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस निर्णय के तहत अब तक 20 करोड़ रुपए की राशि दो किश्तों में राजस्थान वित्त निगम को हस्तांतरित की जा चुकी है, जिससे निगम की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी और वह उद्योगों को अधिक प्रभावी ढंग से ऋण उपलब्ध करा सकेगा।
यह पहल राज्य सरकार की वित्तीय वर्ष 2024-25 की संशोधित बजट घोषणा के अनुरूप है, जिसमें राजस्थान वित्त निगम के वित्तीय सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार और रीको द्वारा समान रूप से 50-50 करोड़ रुपए का अंश पूंजी सहयोग देने का प्रावधान किया गया था। इस निर्णय को अमलीजामा पहनाने के लिए रीको के निदेशक मंडल ने स्वीकृति प्रदान की, जिसके बाद रीको और राजस्थान वित्त निगम के बीच शेयर सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट निष्पादित किया गया। इस समझौते के तहत राशि को चरणबद्ध तरीके से जारी किया जा रहा है।
रीको प्रबंधन के निर्देशानुसार पहले चरण में 10 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी, जिसके बाद दूसरी किश्त के रूप में 10 करोड़ रुपये और राजस्थान वित्त निगम को प्रदान किए गए। इस प्रकार कुल 20 करोड़ रुपये की अंश पूंजी अब तक जारी हो चुकी है और शेष राशि भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगामी चरणों में जारी की जाएगी। इस वित्तीय सहयोग के बदले राजस्थान वित्त निगम द्वारा रीको को समतुल्य मूल्य के इक्विटी शेयर आवंटित किए जाएंगे, जिससे दोनों संस्थानों के बीच वित्तीय सहभागिता और मजबूत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से राजस्थान वित्त निगम की ऋण देने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसका सीधा लाभ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को मिलेगा। राज्य में बड़ी संख्या में एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जिन्हें विस्तार और संचालन के लिए सस्ती और सुलभ वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है। रीको द्वारा प्रदान किया गया यह अंश पूंजी सहयोग इन उद्योगों के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता को बढ़ाएगा, जिससे नए उद्योगों की स्थापना को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
इस निर्णय का व्यापक प्रभाव राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिलेगा। उद्योगों को पर्याप्त वित्तीय सहायता मिलने से निवेश का माहौल बेहतर होगा और निजी क्षेत्र का विश्वास बढ़ेगा। साथ ही नए औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के शुरू होने से रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। सरकार की यह पहल ‘मेक इन राजस्थान’ जैसी अवधारणाओं को भी मजबूती प्रदान करेगी और प्रदेश को औद्योगिक दृष्टि से अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगी।
कुल मिलाकर, रीको द्वारा राजस्थान वित्त निगम को दिया जा रहा यह अंश पूंजी सहयोग न केवल एक वित्तीय लेनदेन है, बल्कि राज्य के औद्योगिक ढांचे को सुदृढ़ करने और आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में एक दूरगामी और प्रभावशाली कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई देने की उम्मीद है।