RIICO New Scheme: राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों में पहली बार खेल सुविधाएं भी विकसित होगी। यहां न केवल औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले लोगों को खेल सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोग भी इसका उपयोग कर पाएंगे।
RIICO New Scheme: राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों में पहली बार खेल सुविधाएं भी विकसित होगी। यहां न केवल औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले लोगों को खेल सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोग भी इसका उपयोग कर पाएंगे। रीको ने प्रदेश के 17 औद्योगिक क्षेत्र में खेल गतिविधियों के लिए पहली बार भू-खंड आरक्षित कर दिए हैं। ऐसे भू-खंडों का क्षेत्रफल करीब 30 हजार वर्गमीटर है।
भू-खंड 15 साल के लिए किराए पर दिए जाएंगे, जिसे डवलप करने की जिम्मेदारी और संचालन की जिम्मेदार भी उसी की होगी। रीको ने भिवाड़ी, जयपुर, कोटा, बीकानेर समेत कई औद्योगिक क्षेत्रों में जगह चिन्हित कर प्रक्रिया शुरू कर दी है। यहां उद्योगों के साथ फिटनेस और वेलनेस इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस किया जाएगा। अब तक औद्योेगिक क्षेत्र केवल उद्योग और व्यावसायिक गतिविधियों तक सीमित रहे हैं।
औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कर्मचारी और श्रमिक कार्य करते हैं, लेकिन वहां मनोरंजन और खेल सुविधाएं नहीं हैं। कर्मचारियों के स्वास्थ्य, फिटनेस और मानसिक तनाव कम करने के साथ औद्योगिक क्षेत्रों को अधिक आकर्षक बनाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
| क्रमांक | औद्योगिक क्षेत्र | भू-खंड क्षेत्रफल (वर्गमीटर) |
|---|---|---|
| 1 | अर्बुदा, आबू रोड | 1725 |
| 2 | पालरा, अजमेर | 1500 |
| 3 | कारौली, भिवाड़ी | 2018 |
| 4 | करणी, बीकानेर | 1459 |
| 5 | बिछवाल, बीकानेर | 1492 |
| 6 | ईपीआइपी, बोरानाडा | 1563 |
| 7 | अपैरल पार्क, जयपुर | 2015 |
| 8 | बगरू छितरोली, जयपुर | 1637 |
| 9 | सीतापुरा, जयपुर | 3176 |
| 10 | झुंझुनूं फेज द्वितीय | 987 |
| 11 | इंद्रप्रस्थान, कोटा | 2018 |
| 12 | खोड़ा, किशनगढ़ | 2000 |
| 13 | एसजीसी परबतसर (एक्सटेंशन), नागौर | 2000 |
| 14 | पाली | 1995 |
| 15 | खेरदा, सवाईमाधोपुर | 1500 |
| 16 | एसकेएस रींगस (एक्सटेंशन), सीकर | 1440 |
| 17 | एलएनपी पथिकिया, श्रीगंगानगर | 1500 |
उद्योग चलाने की प्रतिभा है, लेकिन बड़ी पूंजी नहीं है। ऐसे लोगों के लिए प्लग एंड प्ले कंसेप्ट का भी दायरा बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश में जयपुर के बाद अब 7 नए प्लग एंड प्ले सेंटर विकसित होंगे, जहां सूक्ष्म व लघु उद्योग संचालक तुरंत काम शुरू कर सकेंगे।
बिल्डिंग में मॉड्यूलर व्यवस्था होगी, यानी जरूरत के अनुसार छोटी या बड़ी जगह ली जा सकेगी। यहां मीटिंग, कॉन्फ्रेंस और सम्मेलन कक्ष के साथ कॉमन फैसिलिटी सेंटर भी उपलब्ध होंगे। इसके लिए अजमेर आइटी पार्क, बोरानाडा एग्रो फूड पार्क, कोटा के रानीपुर एग्रो फूड पार्क फेज-1, बीकानेर करणी, किशनगढ़-खोड़ा, उदयपुर के कलडवास आइआइडी सेंटर और जयपुर के सीतापुरा फेज-3 में स्थान चिन्हित किए गए हैं।
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