एसीबी अधिकारी भी इस सुनकर रह गए हैरान
जयपुर . भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) जयपुर ग्रामीण टीम ने 40 किलोमीटर तक कार से पीछा कर सोमवार शाम सात बजे रींगस में हाईकोर्ट के एक जज के गनमैन से 1.10 लाख रुपए की रिश्वत लेते आरपीएस प्रोबेशनर महावीर प्रसाद चोटिया को पकड़ लिया। आपीएस ने पीडि़त सिपाही को रुपए लेकर चौमूं बुलाया, फिर उसकी कार में बैठ गया और कहा कि उसे रींगस तक छोड़ दे। जब पीडि़त से 1.10 लाख रुपए लेकर आरपीएस महावीर प्रसाद कार से उतरा तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारी के पुलिसकर्मी से रिश्वत मांगने की शिकायत सुनकर एक बार को एसीबी अधिकारी भी हैरान रह गए थे। इधर, एसीबी की एक टीम आरोपित महावीर प्रसाद के सीकर के श्रीमाधोपुर स्थित मकान की तलाशी लेने रवाना कर दी है।
एसीबी आईजी सचिन मित्तल ने बताया कि परिवादी पुलिस में सिपाही पद कार्यरत है। वह हाल में हाईकोर्ट के एक जज का गनमैन है। पीडि़त ने यह शिकायत दी कि उसके भतीजे की बहू ने उसके बडे़ भाई, भतीजा और परिजन के खिलाफ दहेज उत्पीडऩ का मामला सामोद थाने में दर्ज कराया था। मुकदमे में कहने को वह नामजद नहीं है लेकिन उसे अन्य में शामिल कर अब नामजद किया जा रहा है।
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इस पर पीडि़त गोविंदगढ़ सर्किल के प्रोबेशनर आरपीएस महावीर प्रसाद चोटिया से मिला। महावीर प्रसाद ने उससे कहा कि पीडि़ता के 164 के बयानों में उसका नाम निकाल देगा। इतना ही नहीं पीडि़ता जल्द ही अलग से छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराने वाली है। यदि वह 1.50 लाख रुपए दे देगा तो दोनों मुकदमों से बच जाएगा। नहीं तो मुकदमा दर्ज होने से उसकी नौकरी पर आ जाएगी। पीडि़त सिपाही की शिकायत को एसीबी जयपुर ग्रामीण के एएसपी नरोत्तम वर्मा से सत्यापन कराया तो शिकायत सही मिली।
साहब मेरी सुनो, मैंने कुछ गलत नहीं किया
एसीबी एएसपी नरोत्तम वर्मा के नेतृत्व में इंस्पेक्टर रामसिंह, इंस्पेक्टर बृजपाल सिंह की टीम ने चौमूं से रींगस तक पीडि़त की गाड़ी में बैठे प्रोबेशनर आरपीएस महावीर प्रसाद चोटिया का पीछा किया। जब रिश्वत की रकम लेकर महावीर पीडि़त सिपाही की कार से उतरे तो एसीबी ने उसे घेर लिया। यह देख महावीर सकपका गया। कहने लगा कि साहब, एक बार मेरी सुनो। मैं गलत नहीं हूं। मुझे फंसाया जा रहा है। जब उससे 1.10 लाख रुपए जब्त होने के बारे में पूछा तो चुप रह गया।