
जयपुर। राजस्थान में एक बार फिर ओवरटेक के चक्कर में भीषण सड़क हादसा हो गया। जयपुर के जमवारामगढ़ क्षेत्र में ट्रेलर-कार की आमने-सामने की भिड़ंत में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 6 महीने की बच्ची भी शामिल है।
पत्रिका संवाददाता राहुल गुप्ता ने बताया कि हादसा रविवार सुबह 8 बजे जमवारामगढ़ के रायसर थाना क्षेत्र में मनोहरपुर-दौसा हाईवे पर हुआ है। तेज रफ्तार कार ने जैसे ही ओवरटेक किया तो सामने से आ रहे ट्रेलर में जा घुसी। हादसा इतना जबरदस्त था कि कार बुरी तरह चकनाचूर हो गई और कार सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलते ही एडिनशल एसपी जयपुर ग्रामीण मुख्यालय रजनीश पूनिया, जमवारामगढ़ एसडीएम ललित मीणा व रायसर थाना अधिकारी रघुवीर सिंह मौके पर पहुंचे। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शवों को कार से बाहर निकाला और नीम्स अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
उत्तर प्रदेश के रहने वाले लोग सीकर जिले में स्थित खाटू श्यामजी मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे। कार में दादा-दादी अपने बेटे-बहू और पोती के साथ सवार थे।। बताया जा रहा है कि परिवार अक्सर इसी सड़क मार्ग से खाटूश्याम जी के दर्शन के लिए जाते थे।
हादसे में मरने वाले सभी एक ही परिवार के है और उत्तर प्रदेश रहने वाले थे। मृतकों की पहचान अभिषेक वर्मा पुत्र सत्यप्रकाश उम्र 33, प्रियंसी पत्नी अभिषेक उम्र 30, सत्यप्रकाश पुत्र गुरूप्रसाद उम्र 60, रामादेवी पत्नी सत्यप्रकाश उम्र 55 और प्रियंसी की 6 महीने की बच्ची निवासी ठाकुर गंज वाली गली लखनऊ उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
कार से टकराने के बाद ट्रेलर पलटकर 20 फीट गहरी खाई में जा गिरा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतकों को काफी मशक्कत के बाद कार से बाहर निकाला। शवों को नीम्स अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। वहीं, खाई में गिरे ट्रेलर में चालक बुरी तरह फंस गया। जिसे केबिन काटकर करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। चालक को गंभीर हालत में नीम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, ट्रेलर के खलासी को भी मामूली चोट आई है।
दौसा-मनोहरपुर नेशनल हाईवे 148 पर 13 महीने में 170 सड़क हादसे हो चुके है। जिनमें 39 लोगों की मौत हो चुकी है और 163 लोग घायल हो चुके है। हैरान कर देने वाली बात ये है कि अधिकतर हादसे ओवरटेक के चक्कर में हुए है। यूपी के लोग इसी हाइवे से खाटूश्यामजी दर्शन के लिए जाते है। ऐसे में रविवार के दिन यह रूट काफी व्यस्त रहता है। टू लेन हाईवे पर अक्सर ओवरटेक के चक्कर में हादसे हो जाते है। काफी समय से इस हाईवे को फोरलेन करने की मांग उठ रही है। लेकिन, अब तक ऐसा नहीं हो पाया है।