
स्टेशन से सैंथल मोड़ तक आरओबी मार्ग बदहाल
रोज गुजरते हैं अफसर-नेताओं के वाहन, फिर भी नहीं दिखती सड़क की दुर्दशा
दौसा. शहर के रेलवे स्टेशन के समीप से सैंथल मोड़ की ओर जाने वाला आरओबी मार्ग इन दिनों राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। सड़क जगह-जगह से टूट चुकी है और गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। हालात ऐसे हैं कि इस मार्ग पर वाहन चलाना किसी चुनौती से कम नहीं है। दिन में वाहन चालक जैसे-तैसे गड्ढों से बचकर निकल जाते हैं, लेकिन रात में यही गड्ढे बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस मार्ग से दिन-रात प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय सांसद, विधायकों सहित अन्य राजनेताओं की गाड़ियां गुजरती हैं, उसी सड़क की बदहाली जिम्मेदारों को क्यों नजर नहीं आती? क्या उन्हें सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देते या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
एक झटका... और जिंदगी खतरे में
सड़क पर बने गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालक अचानक कट मारते हैं। ऐसे में सामने से आने वाले वाहनों से टक्कर की आशंका बनी रहती है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और अधिक है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा तक नहीं लगता। रात के अंधेरे में स्थिति और खतरनाक हो जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि आमजन रोज जोखिम उठाकर निकल रहा है, लेकिन जिम्मेदारों की गाड़ियां निकलकर भी शायद सड़क की हालत नहीं देख पा रहीं।
बड़ी दुर्घटना का इंतजार क्यों?
सड़क की मरम्मत में देरी अब सिर्फ असुविधा का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह संभावित हादसे का कारण बन रही है। शहरवासियों की मांग है कि संबंधित विभाग तत्काल सड़क का निरीक्षण कर गड्ढों की मरम्मत कराए और जरूरत के अनुसार पूरी सड़क का पुनरुद्धार किया जाए। जिम्मेदारों को यह तय करना होगा कि सड़क पहले सुधरेगी या किसी हादसे के बाद जिम्मेदारी तय होगी।
सवाल जिम्मेदारों से
● रोज गुजरते हैं अफसर-नेताओं के वाहन, फिर सड़क क्यों नहीं दिखती?
● गड्ढों की मरम्मत के लिए अब तक क्या कार्रवाई हुई?
● हादसा होने से पहले सड़क कब सुधरेगी?
● क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?