प्रधानाध्यापक भर्ती परीक्षा 2018 के प्रश्न पत्र का मामला
जयपुर
राजस्थान लोक सेवा आयोग के प्रश्न पत्र में भारी गलतियां सामने आई है। जिसके बाद मिली आपत्तियों के आधार पर आयोग ने प्रधानाध्यापक भर्ती परीक्षा 2018 के प्रश्न पत्र से कुल 16 प्रश्न रदद कर अभ्यर्थियों के प्राप्तांक जारी कर दिए है। लेकिन एक ही पेपर में कुल 16 प्रश्नों को रदद करना शिक्षाविद भारी लापरवाही मान रहे है। जिसमें परीक्षा के समय अभ्यर्थियों में कन्फयूजन की स्थिति पैदा करने जैसा है। आयोग की ओर से भर्ती परीक्षा 2 सितंबर 2018 को हुई थी। इस पहले प्रश्न पत्र में कुल 150 सवाल अभ्यर्थियों से पूछे गए थे। इसमें से आयोग ने पहले प्रश्न पत्र में गलत तरह से आए सात प्रश्नों को रदद कर दिया है। आयोग से मिली जानकारी के अनुसार गलत प्रश्न होने या उन प्रश्नों के जवाबों के विकल्प गलत होने पर इन पर आपत्तियां मिलने पर प्रश्नों को डिलीट कर दिया है। जिसमें प्रश्न संख्या 22, 46, 64, 96, 127, 137,139 को रदद किया गया है और परिणाम में इनके नंबर ना तो जोड़े गए है और ना ही नेगेटिव मार्किंग की गई है। आयोग ने पहले प्रश्न पत्र के कुल प्रश्न 143 मानते हुए ही परिणाम जारी किया है। वहीं आयोग की ओर ने दूसरे प्रश्न पत्र में भी ऐसा ही किया है। आठ प्रश्नों पर आपत्ति आने पर कुल 150 प्रश्नों में से 142 प्रश्नों के अंकों के आधार पर ही परिणाम जारी किया है। 2 सितंबर को हुए द्वितीय प्रश्न पत्र से आयोग ने प्रश्न संख्या 5, 74, 77, 85, 87, 90, 91, 103,125 के प्रश्न मे त्रुटि होने या फिर विकल्प गलत होने पर इन्हें रदद माना है।
परीक्षा व्यवस्था पर उठा सवाल
एक साथ एक ही परीक्षा से इतने सारे सवालों को रदद करने पर परीक्षा व्यवस्था पर ही सवाल उठने लगा है। साथ ही पेपर बनाने वाले एक्सपर्ट पर भी शिक्षाविदों ने सवाल उठाए है। वही अभ्यर्थियों का मानना है इस तरह के गलत प्रश्न आने पर अभ्यर्थियों में कन्फयूजन की स्थिति की बनती है। जिस कारण से परीक्षा के दौरान वह अच्छा स्कोर नहीं कर पाते हैं। अगर किसी प्रश्न पर आपत्ति नहीं जाए और वह रदद नहीं हो तो अभ्यर्थियों को परिणाम में भारी नुकसान उठाना होता हैं।