
जयपुर। सांभर क्षेत्र के नरैना पुलिस थाने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सांभर जिला प्रचारक कृष्ण अवतार के साथ मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा नेताओं ने एसएमएस अस्पताल पहुंचकर घायल प्रचारक की कुशलक्षेम पूछी है, वहीं विधायक कालीचरण सराफ ने मुख्यमंत्री से आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। दूसरी ओर, राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस से 16 अक्टूबर तक तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने सात पुलिसकर्मियों के निलंबन को पर्याप्त नहीं मानते हुए जांच के आधार पर कड़ी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत बताई है।
भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने बुधवार को एसएमएस अस्पताल पहुंचकर कृष्ण अवतार से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। सराफ ने मुख्यमंत्री से मांग की कि मामले में शामिल पुलिसकर्मियों को केवल निलंबित करना पर्याप्त नहीं है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर हत्या के प्रयास का मुकदमा चलाया जाना चाहिए। मामले में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।
संघ प्रचारक के साथ कथित मारपीट के मामले में राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने गंभीर रुख अपनाया है। आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश जीआर मूलचन्दानी ने घटना को मानवीय मूल्यों के विपरीत और विधि के शासन पर आघात बताया है। आयोग ने जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को निर्देश दिया है कि मामले की जांच पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी से कराई जाए। जांच की तथ्यात्मक रिपोर्ट 16 अक्टूबर को दोपहर तक प्रस्तुत करने को कहा गया है।
मानवाधिकार आयोग ने नरैना थाने के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पेनड्राइव में उपलब्ध कराने, रोजनामचे की प्रमाणित प्रति देने और यदि संबंधित अवधि में कृष्ण अवतार के खिलाफ कोई मुकदमा या निषेधात्मक कार्रवाई दर्ज हुई हो, तो उसके दस्तावेज भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा कि शुरुआती स्तर पर सात पुलिसकर्मियों का निलंबन किया जा चुका है, लेकिन यह कार्रवाई अपने आप में पर्याप्त नहीं है। जांच में जिम्मेदार पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। जांच के निष्कर्षों के आधार पर बर्खास्तगी पर भी विचार करने की बात कही गई है।
नरैना थाने में कथित मारपीट के बाद कृष्ण अवतार को एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका मेडिकल आईसीयू में उपचार चल रहा है। मंगलवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा अस्पताल पहुंचे। नेताओं ने घायल प्रचारक की कुशलक्षेम पूछी और चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली।
जानकारी के अनुसार संघ के सांभर जिला प्रचारक कृष्ण अवतार शनिवार रात फुलेरा जाते समय नरैना पुलिस के संपर्क में आए थे। आरोप है कि पुलिस उन्हें जबरन थाने ले गई। स्वयं को संघ का जिला प्रचारक बताने के बावजूद उनके साथ थाने में मारपीट की गई, जिससे उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस मामले में थानाधिकारी उमराव सिंह समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। अब मानवाधिकार आयोग की निगरानी में होने वाली जांच, सीसीटीवी फुटेज और थाने के रिकॉर्ड से घटना की परिस्थितियों तथा संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।
इस मामले के बीच सरकार के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने बुधवार को अपने दो दिन पुराने बयान पर स्पष्टीकरण दिया। भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उस दिन दो अलग-अलग प्रकरण चल रहे थे। उन्होंने अतर सिंह भड़ाना से जुड़े मामले में बयान दिया था, लेकिन उसे संघ प्रचारक के साथ कथित मारपीट की घटना से जोड़ दिया गया। गौरतलब है कि 12 अक्टूबर को मीडिया के सवाल पर गर्ग ने कहा था कि सरकार को इस मामले की चिंता करनी चाहिए और सरकार चिंता करेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसी घटना किसी के साथ भी हो सकती है, उनके साथ भी। अब इस बयान को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी दूसरे प्रकरण के संदर्भ में थी।