राजधानी जयपुर के खोरा बीसल में आरटीओ इंस्पेक्टर अनिल बसवाल और गार्ड द्वारा ट्रक ड्राइवर से मारपीट का वीडियो वायरल हुआ है। ड्राइवर को कॉलर पकड़कर गिराया और पीटा गया। बसवाल ने ड्राइवर पर हमले का आरोप लगाया है।
जयपुर: राजस्थान में परिवहन विभाग के निरीक्षकों की गुंडागर्दी और वसूली की खबरें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला राजधानी जयपुर के खोरा बीसल एरिया से सामने आया है।
बता दें कि खोरा बीसल एरिया में एक आरटीओ इंस्पेक्टर और उनके गार्ड ने मिलकर एक ट्रक ड्राइवर की बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि आरोपी इंस्पेक्टर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरटीओ इंस्पेक्टर अनिल बसवाल और उनके साथ मौजूद गार्ड एक ट्रक ड्राइवर को घेरे हुए हैं। बहस के दौरान अचानक इंस्पेक्टर ड्राइवर की कॉलर पकड़ लेते हैं और उसे जमीन पर पटक देते हैं। इसके बाद ड्राइवर के साथ मारपीट की जाती है।
हालांकि, इस मामले पर सफाई देते हुए इंस्पेक्टर अनिल बसवाल का कहना है कि उन्होंने मारपीट नहीं की, बल्कि ड्राइवर ने उन पर पत्थर से हमला करने की कोशिश की थी। बसवाल के मुताबिक, ड्राइवर को केवल काबू में करने के लिए पकड़ा गया था। लेकिन वीडियो की तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं।
इस घटना ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठीक एक महीने पहले चूरू जिले के सुजानगढ़ में ऐसी ही एक घटना हुई थी। वहां इंस्पेक्टर सुरेश बिश्नोई ने एक ट्रक ड्राइवर के चेहरे पर अपने सिर से हमला किया था, जिससे ड्राइवर की नाक से खून बहने लगा था। उस मामले में विभाग ने तत्परता दिखाते हुए सुरेश बिश्नोई को तुरंत सस्पेंड कर दिया था।
चर्चा है कि अनिल बसवाल के खिलाफ कार्रवाई न होने के पीछे उनकी रसूखदार पहचान है। दरअसल, बसवाल राजस्थान परिवहन निरीक्षक संघ के महासचिव हैं। विभाग के भीतर उनकी मजबूत पकड़ और यूनियन का नेता होने के कारण अधिकारी उन पर हाथ डालने से बच रहे हैं। यही वजह है कि वीडियो सामने आने के बावजूद मंगलवार सुबह तक विभाग ने उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कदम नहीं उठाया है।
राजस्थान में पिछले कुछ समय से ट्रक ड्राइवरों के साथ बदसलूकी और वसूली के मामले बढ़े हैं। ड्राइवरों का आरोप है कि चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। विरोध करने पर सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज कराने की धमकी दी जाती है। बात-बात पर शारीरिक हिंसा और गाली-गलौज आम बात हो गई है।