
जयपुर
राजस्थान विश्वविद्यालय की ओर से एलडीसी के अशैक्षणिक पद पर रविवार को आयोजित हुई भर्ती परीक्षा में परीक्षार्थियों के लिए बनाए गए नियमों के दोहरे मापदंड देखने को मिले। जयपुर में 63 परीक्षा केंद्रों पर हुई इस भर्ती परीक्षा में परीक्षा केंद्रों पर मनमर्जी के नियम चले जिसके चलते किसी परीक्षा केंद्र पर तो ड्रेस कोड तक फॉलो नहीं हुआ वही किसी परीक्षा केंद्र पर चप्पत तक खुलवा ली गई। परीक्षा के लिए ड्रेस कोड लागू किया गया था जिसके तहत कोई परीक्षार्थी हाफ बाजू के टीशर्ट,ट्राउजर्स, पंजामा पहन कर ही प्रवेश कर सकता था। इसके साथ जूते के स्थान पर साधारण चप्पल या सैंडल पहन कर आने की अनुमति दी गई थी। वही किसी भी परीक्षा केंद्र में आभूषण,अंगूठी आदि पहन के जाने की अनुमति नहीं थी। लेकिन अधिकतर परीक्षा केंद्रों पर विश्वविद्यालय की ओर से बनाए गए ड्रेस कोड संबंधी नियम फॉलो ही नहीं हो सकें। शासत्री नगर के तीन से अधिक परीक्षा केद्रों पर पूरी बाजू के शर्ट,टीशर्ट,जींस आदि पहन कर आने वाले अभ्यर्थियों को भी प्रवेश दे दिया गया। वही परीक्षा केंद्रों पर आभूषण अंगूठी पहन कर आने वाले अभ्यर्थियों को भी प्रवेश दे दिया गया। इसके साथ ही कालवाड़ रोड स्थित न्यू आदर्श स्कूल में आए परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों से चप्पल तक खुलवा ली गई। विश्वविद्यालय में 92 पदों पर एलडीसी भर्ती के लिए यह परीक्षा ऑफलाइन माध्यम से दो पारियों में हुई थी। जिसमें 31 हजार 685 आवेदनकर्ताओं में से परीक्षा में 9 हजार 110 अभ्यर्थी हुए हैं।
सवालों पर आपत्ति भी
परीक्षा में एक दो सवालों पर परीक्षार्थियों ने आपत्ति भी जताई हैं। जिसमें दूसरी पारी के प्रश्न पत्र में हिंदी विषय में आए एक प्रश्न में अमित अमित का अर्थ पूछा गया। वही कई सवालों के विकल्प अंग्रेजी में तो सही लिखे हुए थे लेकिन हिंदी की वर्तनी में अशुद्धि थी। अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्न पत्र सरल रहा। दोनो ही प्रश्न पत्र में सौ सौ सवाल पूछे गए थे। साथ ही नेगेटिव मार्किंग भी नहीं थी। पेपर को तीन घंटे में हल करने का समय दिया गया था लेकिन अधिकतर विद्यार्थियों ने दो घंटे में पेपर को हल कर लिया।
परीक्षा में चप्पल पहन कर आने की अनुमति थी। लेकिन परीक्षा केंद्र पर सभी परीक्षार्थियों से चप्पल परीक्षा कक्ष से बाहर ही खुलवा ली गई।
यतेश शर्मा, परीक्षार्थी
परीक्षा में ड्रेस कोड था। लेकिन परीक्षा केंद्र पर फूल स्लीव पहन कर आने वाले को भी बिना जांचे ही परीक्षा केंद्र में बैठने की अनुमति दे दी गई। ड्रेस कोड तो फॉलो ही नहीं हुआ। ?
हेमंत कुमार,अभ्यर्थी