आरयूएचएस प्रशासन ने वरिष्ठ आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ. महेश मंगल का दोनों पदों से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही लंबे समय से चली आ रही “एक व्यक्ति–दो पद” की व्यवस्था को समाप्त करते हुए दोनों अस्पतालों में अलग-अलग अधीक्षकों की नियुक्ति कर दी गई है।
जयपुर। राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (आरयूएचएस) और जयपुरिया अस्पताल के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है। आरयूएचएस प्रशासन ने वरिष्ठ आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ. महेश मंगल का दोनों पदों से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही लंबे समय से चली आ रही “एक व्यक्ति–दो पद” की व्यवस्था को समाप्त करते हुए दोनों अस्पतालों में अलग-अलग अधीक्षकों की नियुक्ति कर दी गई है।
आदेश के अनुसार जयपुरिया अस्पताल, जयपुर के लिए डॉ. राजाराम बासीरा को नया चिकित्सा अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वे इससे पहले अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे थे और अस्पताल की आंतरिक कार्यप्रणाली से भली-भांति परिचित माने जाते हैं। आरयूएचएस अस्पताल की जिम्मेदारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता को सौंपी गई है। डॉ. गुप्ता ऑर्थोपेडिक्स विभाग में वरिष्ठ आचार्य एवं विभागाध्यक्ष हैं और शिक्षण व प्रशासनिक अनुभव के लिए जाने जाते हैं।
आरयूएचएस के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि डॉ. महेश मंगल के दोनों पदों से त्याग पत्र दिए जाने के बाद प्रशासनिक हित और अस्पतालों के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है। नए अधीक्षक तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालेंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि अलग-अलग अधीक्षक नियुक्त होने से दोनों संस्थानों पर फोकस बढ़ेगा। जयपुरिया अस्पताल जहां मरीजों के दबाव और आपात सेवाओं के लिए जाना जाता है, वहीं आरयूएचएस अस्पताल शिक्षण, शोध और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार दो साल से इसे रिम्स बनाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में अलग नेतृत्व से निर्णय प्रक्रिया तेज होने और जवाबदेही तय होने की उम्मीद है।