जयपुर

Jaipur: रात में सो रही 2 माह की मासूम पर झपटा आवारा कुत्ता, नोच डाली आंख; डॉक्टरों ने सर्जरी कर दी नई जिंदगी

Baby Eye Surgery: आवारा कुत्ते के हमले में दो माह की बच्ची की आंख गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसके बाद उसे जयपुर लाया गया। यहां के आरयूएचएस अस्पताल में उसकी जटिल सर्जरी सफल रही।
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Sep 11, 2026
Two Month Old Baby Surgery
सफल सर्जरी के बाद बच्ची को गोद में लेकर खड़े चिकित्सक (Photo-Patrika)

जयपुर. आरयूएचएस अस्पताल में सवाई माधोपुर की दो माह की मासूम बच्ची की आंख की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। बच्ची की आंख आवारा कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी। चिकित्सकों ने सर्जरी के दौरान आंख की आंसू नली को सिलिकॉन स्टेंट की मदद से जोड़ दिया। बच्ची को उपचार के बाद चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

रात में घर में सो रही थी मासूम

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. माया हाडा ने बताया कि बच्ची रात के समय घर में सो रही थी। इसी दौरान बिजली गुल हो गई। अंधेरे के कारण घर का दरवाजा खुला रह गया और एक आवारा कुत्ता घर के अंदर घुस आया। कुत्ते ने घर में सो रही बच्ची के चेहरे पर हमला कर दिया। हमले में बच्ची की पलक कट गई और आंख को गंभीर चोट पहुंची। चोट इतनी गंभीर थी कि आंख की आंसू नली भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद बच्ची को उपचार के लिए आरयूएचएस अस्पताल लाया गया।

आंसू नली को सिलिकॉन स्टेंट से जोड़ा

अस्पताल में जांच के बाद बच्ची की आंख की स्थिति को देखते हुए जटिल सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। चिकित्सकों ने ऑपरेशन के दौरान क्षतिग्रस्त आंसू नली को सिलिकॉन स्टेंट डालकर जोड़ने का काम किया। यह प्रक्रिया सावधानीपूर्वक पूरी की गई और सर्जरी सफल रही सिलिकॉन स्टेंट फिलहाल आंख में रखा गया है, ताकि उपचार की प्रक्रिया पूरी हो सके।

दो महीने बाद निकाला जाएगा स्टेंट

चिकित्सकों ने बताया कि बच्ची की आंख में डाला गया सिलिकॉन स्टेंट करीब दो महीने बाद सुरक्षित रूप से बाहर निकाला जाएगा। इसके बाद बच्ची की आंख की स्थिति और उपचार की प्रगति के अनुसार आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। इस जटिल सर्जरी में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. माया हाडा की भूमिका रही। वहीं, ऑपरेशन के दौरान निश्चेतना विभाग के डॉ. मनीष खंडेलवाल और उनकी टीम ने भी सहयोग किया।

सड़क हादसे में जबड़ा हुआ अलग

वहीं, एक सड़क हादसे में उत्तर प्रदेश के लखीनपुर खीरी के रहने वाले युवक का जबड़ा चेहरे से लगभग पूरी तरह अलग होकर जमीन पर गिर गया था। परिजन घायल युवक के साथ अलग हुआ जबड़ा लेकर अजमेर के जेएलएन अस्पताल पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने पांच घंटे से अधिक चली जटिल सर्जरी में उसी जबड़े को मरीज के चेहरे पर दोबारा स्थापित कर दिया। मांसपेशियों और ऊतकों समेत अलग हुए जबड़े को वापस उसी मरीज में जोड़कर उसे फिर से कार्यशील बनाने की यह देश-दुनिया की पहली सर्जरी मानी जा रही है।

Updated on:
11 Sept 2026 11:30 am
Published on:
11 Sept 2026 11:30 am