कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने बगावती तेवर अपनाते हुए अपनी ही सरकार के खिलाफ अनशन करने का एलान कर दिया, लेकिन सीएम अशोक गहलोत RTH पर फोकस कर रहे हैं
जयपुर। इधर सचिन पायलट और सियासी तपिश, उधर RTH। जी हां कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने बगावती तेवर अपनाते हुए अपनी ही सरकार के खिलाफ अनशन करने का एलान कर दिया, लेकिन सीएम अशोक गहलोत RTH पर फोकस कर रहे हैं। इस साल चुनाव हैं, ऐसे में गहलोत सरकार राइट टू हेल्थ की विशेषता बताने में जुटी है।जो कि इस बार काफी अहम रोल अदा कर सकता है।
राइट टू हेल्थ को लेकर अशोक गहलोत ने ट्वीट किया। इस दौरान राइट टू हेल्थ की खूबियां बताते हुए वीडियो ट्वीट किया। अशोक गहलोत ने लिखा, देश में प्रत्येक मिनट में सात लोगों की मौत हो रही है। इलाज नहीं मिलने से मौत हो रही ? गहलोत ने कहा कि गंभीरता से सोचे कि भारत में RTH की कितनी जरूरत हैं। इस ट्वीट को रीट्वीट किया जा रहा है। सीएम पहले भी यह चुके हैं, अब इसे पूरे देश को अपनाना चाहिए। सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीटर पर वीडियो शेयर कर RTH की खूबियां बताई थी। उनका कहना है अन्य राज्यों को राजनीतिक विरोध से परे हर जिंदगी को बचाने के लिए इसे लागू करने पर गंभीरता से विचार करना होगा। उन्होंने हाल ही एक वीडियो के साथ ट्वीट किया था, राजस्थान बना देश का पहला #RightToHealth वाला प्रदेश...देखिये क्यों अपनाए इसे पूरा देश।
बात करें RTH पर सीएम के ट्वीट की, तो यूजर्स ने RTH के साथ ट्रेंडिंग टॉपिक सचिन के अनशन को लेकर कमेंट किए। एक यूजर ने लिखा, वसुंधरा सरकार के घोटालों की जांच कराओ... सरकार में आने के बाद मौन ही धारण कर लिया क्या.. सचिन पायलट का तो जवाब दे दो जादूगर। लोगों ने सवाल भी दे दिया, कांग्रेस को किस के नेतृत्व में 2023 राजस्थान का चुनाव लड़ना चाहिए?