
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने शनिवार को जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र की भाजपा सरकार और राज्य की भजनलाल शर्मा सरकार पर तीखे राजनीतिक हमले बोले। स्थानीय निकाय चुनाव टालने से लेकर नीट (NEET) परीक्षा विवाद और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग तक, पायलट ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार की घेराबंदी की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार जमीनी हकीकत से डर रही है और इसी वजह से पंचायत, नगर निकाय और छात्रसंघ चुनावों को जानबूझकर टाला जा रहा है। विधानसभा सत्र के मुहाने पर खड़े राजस्थान की राजनीति में सचिन पायलट का यह आक्रामक रुख काफी अहम माना जा रहा है।
मीडिया से बात करते हुए सचिन पायलट ने स्थानीय निकायों और छात्रसंघ चुनावों में हो रही देरी पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार चुनाव कराने से घबरा रही है क्योंकि वे जानते हैं कि जनता में भारी असंतोष है और वह बदलाव चाहती है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की बड़ी-बड़ी बातें करती है, दूसरी तरफ जो चुनाव संवैधानिक रूप से समय पर होने चाहिए, उनसे भाग रही है।
पायलट ने कहा कि उच्च न्यायालय की सख्त हिदायत और नोटिस मिलने के बावजूद राज्य सरकार कोई न कोई बहाना बनाकर पंचायत और नगर निकायों के चुनाव आगे खिसका रही है।
NEET परीक्षा विवाद और युवाओं के भविष्य को लेकर पायलट ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों को आड़े हाथों लिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह इस बात का सबूत है कि सरकार को आखिरकार छात्र शक्ति और जनता के भारी आक्रोश के आगे झुकना पड़ा है।
पायलट ने स्पष्ट किया कि केवल सख्त कानून बनाने या किसी मंत्री का इस्तीफा ले लेने से युवाओं की समस्याएं खत्म नहीं होंगी। जब तक परीक्षा माफिया और कोचिंग माफिया के खिलाफ ढांचागत कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अभ्यर्थियों को सच्चा न्याय नहीं मिल सकता।
राजस्थान विधानसभा के आगामी सत्र की तैयारियों को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री ने साफ किया कि विपक्ष अपनी भूमिका मुस्तैदी से निभाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का आधा कार्यकाल बीतने को है, लेकिन जनता से किए गए बड़े-बड़े वादे केवल कागजों में सिमट कर रह गए हैं। आगामी सत्र में कांग्रेस पार्टी कानून-व्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करेगी।
केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए सचिन पायलट ने कहा कि आज देश में सच दबाने और राजनीतिक विरोधियों को चुप कराने के लिए संवैधानिक जांच एजेंसियों का दुरुपयोग चरम सीमा पर है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष मजबूती के साथ खड़ा है और जनता की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।