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जयपुर. माघ माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी तिल चतुर्थी या सकट चौथ कहा जाता है। सकट चौथ पर व्रत रखकर गणेशजी की पूजा का बहुत महत्व है. मान्यता है इस दिन व्रत रखकर गणेशजी की पूजा करने से सालभर के चतुर्थी व्रत का फल मिल जाता है। सकट चौथ पर तिल से स्नान करने, इसका सेवन करने और दान देने की परंपरा है. यही कारण है कि इसे तिल चतुर्थी, तिलकुट चतुर्थी,तिल संकटा चौथ अथवा तिल चौथ भी कहते हैं।
इस बार सकट चौथ की तिथि पर संशय बना हुआ हैै। पंचांग भेद के कारण यह स्थिति निर्मित हुई हैै। कुछ पंचांगों के मुताबिक 31 जनवरी को सकट चौथ है जबकि कुछ पंचांगां में इसे 1 फरवरी को बताया गया है। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि सकट चौथ पर चंद्र दर्शन और पूजा का ध्यान रखा जाता है। 31 जनवरी यानि रविवार को सूर्यास्त तक तृतीया तिथि रहेगी इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होगी। इस तरह रविवार को ही चतुर्थी तिथि में चंद्रमा उदय होगा। ऐसे में 31 जनवरी को ही सकट चौथ व्रत रखकर गणेश पूजा करना श्रेष्ठ होगा.
शास्त्रों में भी तृतीया के साथ आने वाली चतुर्थी को ही गणेश चतुर्थी व्रत और पूजा का विधान बताया गया है। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार व्यापार में वृद्धि या बुद्धि तेज करने के लिए चतुर्थी पर व्रत रखकर गणेशजी की पूजा करना चाहिए. सकट चतुर्थी पर प्रायः महिलाएं व्रत रखती हैं। इस व्रत के प्रभाव से संतान की शिक्षा में आ रही रूकावटें भी खत्म होती हैं। सकट चौथ पर दिनभर व्रत रखकर गणेशजी की पूजा कर रात में चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देना चाहिए। चंद्रदेव को जल देकर तिल और गुड़ का भोग लगाकर ही व्रत पूरा करें।
सकट चौथ के दिन सुबह स्नान के पानी में तिल डालकर नहाना चाहिए। इस दिन गणेशजी की पूजा में भी तिल का प्रयोग किया जाता है। तिल चतुर्थी व्रत पर गणेशजी को तिल के लड्डूओं का ही भोग लगाया जाता है। यहां तक कि इस व्रत में फलाहार के रूप में भी तिल से बने खाद्य पदार्थाें का सेवन किया जाता है। इस दिन सुबह स्नान के बाद सूर्यदेव को जल अर्पित करें, इसके बाद गणेशजी का ध्यान करते हुए व्रत और पूजा का संकल्प लें। विधि विधान से गणेशजी की पूजा करें और गणेश अथर्वशीर्ष या संकट नाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करें।
चतुर्थी तिथि प्रारंभ- 31 जनवरी रविवार- रात 8. 20 बजे।
चतुर्थी तिथि समापन - फरवरी को शाम करीब साढ़े 6 बजे।
31 जनवरी को चंद्र दर्शन और पूजा का समय- रात करीब 8. 40 बजे।