जयपुर

video सम के धोरों पर सजी सुरमई सांझ

जैसलमेर से करीब 45 किमी दूर सोमवार को माघ शुक्ल पूर्णिमा की सर्द शाम में दूर-दूर तक पसरे रेत के धोरों से टकराकर लोक संस्कृति के रंगों में दिखाई दिए। विश्व विख्यात मरू महोत्सव के तीसरे दिन सोमवार की शाम सम के रेतीले धोरों में लोक संगीत और सूफी संगीत की सरिता बह गई। सम में आयोजित सांस्कृतिक संध्या का आगाज महाराष्ट्र के लावणी नृत्य से हुआ।

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Feb 23, 2016
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Published on:
23 Feb 2016 12:11 am