स्कूली शिक्षा के लिए समग्र शिक्षा योजना शुरू. योजना का फोकस अंग्रेजी के टी शब्द पर रहेगा
जयपुर। स्कूली बच्चों के लिए अच्छी खबर है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्कूली शिक्षा के समग्र विकास के लिए समग्र शिक्षा योजना शुरू की है। इस योजना के तहत स्कूली विद्यार्थियों के खेल और शिक्षा पर विशेष जोर रहेगा। नई योजना में अंग्रेजी के शब्द दो टी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा,जिसमें टीचर एवं टेक्नोलॉजी शब्द शामिल किए गए हैं। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
इस योजना के तहत पूर्व प्राइमरी, अपर प्राइमरी, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के स्कूलों को शामिल किया गया है। यह योजना टेक्नोलॉजी का लाभ उठाने और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अच्छी गुणवत्ता शिक्षा की पहुंच को व्यापक बनाने में सहायक होगी। शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफार्म ‘दीक्षा’ शिक्षकों के उपयोग के लिए उच्च गुणवत्ता की शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराएगा। यह योजना पांच वर्षों से अधिक सभी माध्यमिक विद्यालयों में ‘ऑपरेशन डिजिटल बोर्ड’ को समर्थन देगी ताकि स्मार्ट क्लास रूमों, डिजिटल बोर्डों तथा डीटीएच चैनलों के माध्यम से डिजिटल टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ाया जा सके। इस योजना के तहत शाला कोष, सगुन, शाला सारथी जैसी डिजिटल पहलों को मजबूत बनाया जाएगा।
बजट भी बढ़ गया
पहले तीन योजनाओं एसएसए, आरएमएसए एवं शिक्षक की शिक्षा पर बजट 2017-18 में 28,000 करोड़ रुपए था जो अब बढ़कर 2018-19 में 34,000 करोड़ रुपए हो गया है और 2019-20 में 41,000 करोड़ रुपए हो जाएगा। देश के एक मिलियन स्कूलों के पुस्तकालयों को सुदृढ़ बनाने के लिए 5 हजार रुपये से 20 हजार रुपए तक का पुस्तकालय अनुदान दिया जाएगा।
खेल उपकरण के लिए मिलेगी राशि
प्रत्येक स्कूल को समग्र शिक्षा के तहत प्राथमिक के लिए 5 हजार रुपए, उच्च प्राथमिक के लिए 10 हजार रुपए और माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों के लिए 25 हजार रुपए तक की कीमत के खेल उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे खेलेगा भारत, खिलेगा भारत के सपने को साकार किया सकेगा।