सावन आधा गुजर गया, लेकिन जयपुर की इस इकलौती नदी में भी नहीं आया पानी, कैसे बचेगी लुप्त होने से?

अगर कोई सरकार गंभीर होकर राजस्थान की मेंढ़ा नदी को यमुना से लिंक कर दे तो 150 किलोमीटर में बसे लाखों लोगों की समस्याएं खत्म हो जाएंगी। खूब बारिश हुई कई साल, लेकिन यहां पिछले 16 वर्ष में तो कभी नदी में पानी आया ही नहीं...
less than 1 minute read
Jul 17, 2017
Feature image

एक तो राजस्थान वैसे ही मरूस्थल भूमि वाला प्रांत है, ऊपर से यहां पानी भंडारण वाले और सिंचाई वाले भरे-पूरे साधन भी नहीं हैं। राजधानी के बाहर से गुजर रही एकमात्र नदी मेंढ़ा में इस बारिश भी पानी नहीं आया, जबकि सावन आधा गुजर गया है....


35 साल से पानी को तरस रही नदी, लोगों के पसीने तो तब रुकें

जयुपर के रेनवाल सहित सैकड़ों गांवों में पानी के लिए वरदान साबित होने वाली ये नदी यदि भरी हुई धाल से कभी बहाव पकड़ ले तो लाखों लोगों की समस्याएं दूर हो जाएंगी। सरकार चाहे तो मेंढ़ा नदी को लुप्त होन से बचाया जा सकता है। यह अब तकरीबन लुप्त सी हो गई है। 35 साल से यह कभी भी महीनेभर तक नहीं भरी।


जानकारों के मुताबिक, इस नदी के नहीं बहने के पीछे जहां कम बारिश का होना मुख्य कारण रहा है, वहीं रास्ते में कई जगह एनीकट बना दिए जाने से भी नदी का बहना प्रभावित हुआ है। शहर से होकर गुजरने वाली मेंढ़ा नदी कभी वर्ष में छह माह लगातार बहा करती थी, जिससे क्षेत्र में पानी की कोई समस्या नहीं थी।


Read: राजस्थान के सबसे बड़े शहर में इस एक एलिवेटेड रोड का काम हाथी सी चाल से हो रहा है, बनेगा कब?

वर्ष 1982 के बाद नदी कभी तेज गति से नहीं बही। तेज बारिश से कभी कभार एक-दो दिन के लिए पानी आता है, लेकिन पिछले 16 वर्ष में तो कभी नदी में पानी आया ही नहीं। जबकि, 2001 में आखरी बार नदी दो दिन तक क्षेत्र से गुजरी थी।

Published on:
17 Jul 2017 06:28 pm