पत्रिका समूह ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ के अवसर पर एआइ के कारण उत्पन्न हो रहे भ्रम को दूर करने के लिए जागरुकता अभियान चलाने की पहल कर रहा है।
Patrika's Campaign To Make AI Label Mandatory: निश्चित ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से हर क्षेत्र में मदद मिल रही है, लेकिन इसका दुरुपयोग भी हो रहा है। एआइ से बनने वाली हर वह सामग्री जो सार्वजनिक हो रही है या लोगों तक पहुंचाई जा रही है, उस पर एआइ से निर्मित होने का लेबल लगाना जरूरी हो ताकि जनता में किसी तरह का भ्रम न रहे। यह तभी संभव है जब कानूनी रूप से एआइ लेबल की मार्किंग अनिवार्य की जाए।
पत्रिका समूह ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ के अवसर पर एआइ के कारण उत्पन्न हो रहे भ्रम को दूर करने के लिए जागरुकता अभियान चलाने की पहल कर रहा है। इसके तहत एआइ का लेबल लगाने की अनिवार्यता का कानून बनाने का दबाव बनाया जाएगा। यह तभी संभव होगा जब आपका सहयोग और वोट दोनों हमें प्राप्त हो। जरूरत पड़ी तो इसके लिए अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे। आपका सहयोग टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग को रोकने और सच के साथ खड़े रहने के पत्रिका के संकल्प को और मजबूत करेगा।
आपसे विनम्र निवेदन है कि इस अभियान से जुड़ें और सच का साथी बनें।
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इसे छोटी बात न समझें, यह एक बहुत बड़ा कदम है जिसे उठाना अब जरूरी हो गया है। AI द्वारा तैयार की गई झूठी तस्वीरें और वीडियो हर दिन एक गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं। अब वक्त आ गया है कि हम सब मिलकर सच और झूठ के बीच की रेखा स्पष्ट करें।
आपका एक वोट सिर्फ समर्थन नहीं, बदलाव की शुरुआत है। यह एक ऐसा मौका है जहां आप खुद बदलाव ला सकते हैं —एक ऐसा बदलाव जो हम सभी के लिए लाभकारी होगा।