
Rajasthan Police Action On Cyber Crime: राजस्थान में अब डिजिटल लुटेरों की खैर नहीं है। पुलिस महानिदेशक श्री राजीव शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश की साइबर क्राइम शाखा ने तकनीक और त्वरित कार्रवाई के दम पर साइबर अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह झकझोर दिया है। वर्ष 2025 के आंकड़े गवाह हैं कि राजस्थान अब देश में साइबर सुरक्षा के एक मजबूत मॉडल के रूप में उभर रहा है। ठगी गई राशि को बचाने (Freeze) के मामले में राजस्थान अब पूरे भारत में 5वें स्थान पर पहुँच गया है।
साइबर क्राइम शाखा के उपमहानिरीक्षक विकास शर्मा के अनुसार, साल 2025 'एक्शन' का वर्ष रहा। 'ऑपरेशन वज्र प्रहार', 'साइबर शील्ड' और 'एंटी वायरस' जैसे सुनियोजित मिशनों के तहत अपराधियों पर चौतरफा हमला किया गया। इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि करीब 2.5 लाख संदिग्ध मोबाइल नंबरों और IMEI को ब्लॉक करना रही। साथ ही, 'म्यूल अकाउंट्स' (दूसरों के नाम पर खोले गए फर्जी खाते) को चिन्हित कर बंद किया गया, जिससे ठगों के लिए पैसों का लेन-देन नामुमकिन हो गया।
पुलिस की मुस्तैदी का सबसे सकारात्मक पहलू वित्तीय रिकवरी में देखने को मिला है। जहाँ वर्ष 2024 में ठगी की गई राशि में से 104.6 करोड़ रुपये बचाए गए थे, वहीं 2025 में यह राशि 71.3% की वृद्धि के साथ 179.15 करोड़ रुपये तक पहुँच गई। दिलचस्प बात यह है कि जागरूकता बढ़ने के कारण शिकायतों की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन पुलिस की सतर्कता से गंभीर अपराधों (FIR) में 19.7% की कमी आई है।
राजस्थान सरकार ने प्रदेश के सभी 41 राजस्व जिलों में समर्पित साइबर पुलिस थानों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। इसके अलावा प्रत्येक स्थानीय थाने पर साइबर हेल्पडेस्क बनाई गई है। हेल्पलाइन नंबर पर 24 घंटे विशेषज्ञों की टीम तैनात है।व्हाट्सएप हेल्पलाइन के जरिए तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
सावधान रहें: यदि आपके साथ कोई डिजिटल धोखाधड़ी होती है, तो 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती 1 घंटा) के भीतर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। आपकी त्वरित सूचना ही आपकी मेहनत की कमाई को वापस दिला सकती है।
Published on:
03 Jan 2026 07:41 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
