holiday calendar update: 7 अप्रैल को शिक्षक काली पट्टी बांधकर करेंगे विरोध। 18 मई को रामगंज मंडी में होगी शिक्षकों की विशाल रैली।
Shivira calendar 2026-27: जयपुर. राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के संरक्षक मंडल एवं प्रदेश कार्यकारिणी की जयपुर में आयोजित बैठक में शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विशेष रूप से ग्रामीण अवकाश एवं संस्था प्रधान द्वारा घोषित अवकाश में की जा रही कटौती पर कड़ा विरोध जताया गया। संघ पदाधिकारियों ने इसे शिक्षकों के अधिकारों के खिलाफ बताते हुए आंदोलन का ऐलान किया है।
संघ के निर्णय के अनुसार 7 अप्रैल को प्रदेशभर के शिक्षक काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे, जबकि शिक्षण कार्य सामान्य रूप से जारी रखेंगे। इसके बाद 8 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर उपखंड अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। वहीं 20 अप्रैल को जिला स्तर पर कलेक्टर के जरिए अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में 18 मई को शिक्षा मंत्री के गृह क्षेत्र रामगंज मंडी (कोटा) में शिक्षकों की एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेशभर से शिक्षक भाग लेंगे।
शिक्षा विभाग, राजस्थान ने सत्र 2026–27 के लिए शिविरा पंचांग जारी कर दिया है, जिसमें इस बार अवकाशों के कैलेंडर में अहम बदलाव किए गए हैं। खासतौर पर शीतकालीन अवकाश की तारीखों में परिवर्तन किया गया है। अब सर्दियों की छुट्टियां 31 दिसंबर 2026 से शुरू होकर 10 जनवरी 2027 तक रहेंगी, जबकि पहले ये 25 दिसंबर से प्रारंभ होती थीं।
शिविरा पंचांग के अनुसार नए सत्र में कुल 244 दिन विद्यालय संचालित होंगे और 32 उत्सव मनाए जाएंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी राजकीय, गैर-राजकीय, आवासीय विद्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक गतिविधियां इसी कैलेंडर के अनुसार संचालित होंगी।
मध्यावधि अवकाश 4 नवंबर से 15 नवंबर 2026 तक निर्धारित किया गया है, जो दीपावली के समय पड़ेगा, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को त्योहार मनाने का पर्याप्त अवसर मिलेगा।
वहीं ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी बदलाव किया गया है। इस बार गर्मी की छुट्टियां 17 मई से 20 जून 2026 तक रहेंगी, जो पहले की तुलना में कम अवधि की हैं। इसके चलते विद्यालय 21 जून से ही खुल जाएंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस बदलाव से शैक्षणिक समय बढ़ेगा और पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो सकेगा।