Rajasthan Education News: नए सत्र में बड़ा ट्विस्ट: गर्मी की छुट्टियां घटीं, जल्दी खुलेंगे स्कूल। छुट्टियों का पूरा गणित बदला! जानिए कब मिलेंगी लंबी ब्रेक।
Rajasthan School Calendar 2026: जयपुर। शिक्षा विभाग, राजस्थान ने सत्र 2026–27 के लिए शिविरा पंचांग जारी कर दिया है, जिसमें इस बार अवकाशों के कैलेंडर में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। खासतौर पर शीतकालीन अवकाश की तिथि में परिवर्तन किया गया है, जिसके अनुसार अब सर्दियों की छुट्टियां 31 दिसंबर 2026 से शुरू होकर 10 जनवरी 2027 तक रहेंगी। पहले यह अवकाश 25 दिसम्बर से शुरू होते थे। लेकिन इस बार नए साल के साथ ही छुट्टियों की शुरुआत होगी।
शिविरा पंचांग के अनुसार, इस सत्र में कुल 244 दिन विद्यालय संचालित होंगे, जबकि 32 उत्सव मनाए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी राजकीय, गैर-राजकीय, आवासीय विद्यालयों सहित प्रशिक्षण संस्थानों में इसी पंचांग के अनुसार शैक्षणिक गतिविधियां संचालित होंगी।
अवकाशों की बात करें तो मध्यावधि अवकाश 4 नवंबर से 15 नवंबर 2026 तक निर्धारित किया गया है। यह अवकाश दीपावली पड़ता है, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को त्योहारों के दौरान पर्याप्त समय मिल सकेगा। वहीं शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से 10 जनवरी तक रहेगा, जो ठंड के चरम समय को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है।
सबसे बड़ा बदलाव ग्रीष्मकालीन अवकाश में देखने को मिला है। इस बार गर्मी की छुट्टियां 17 मई से शुरू होकर 20 जून 2026 तक रहेंगी। यानी पहले की तुलना में ग्रीष्मावकाश की अवधि कम कर दी गई है। इसका सीधा असर यह होगा कि स्कूल अब 21 जून से ही पुनः खुल जाएंगे, जबकि पहले 1 जुलाई से नए सत्र की नियमित कक्षाएं शुरू होती थीं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे शैक्षणिक समय में वृद्धि होगी और पाठ्यक्रम को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सकेगा।
शिक्षा विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि किसी विशेष परिस्थिति में अवकाश या कार्यक्रम में बदलाव के लिए संबंधित संस्था प्रमुख को जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से अनुमति लेनी होगी। बिना स्वीकृति के किसी प्रकार का परिवर्तन मान्य नहीं होगा।
कुल मिलाकर, नए सत्र का यह शिविरा पंचांग शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसमें अवकाशों का संतुलन और पढ़ाई के दिनों का समुचित निर्धारण किया गया है।
स्कूलों मेें शीतकालीन अवकाश 25 दिसम्बर से 4 जनवरी तक होते आए हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में देखने में आ रहा है कि चार जनवरी के बाद भी सर्दी तेज पडती है। इस कारण अधिकांश जिलों में जिला कलक्टर की पॉवर से अवकाश बढाए जाते हैं। इससे स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। पिछली बार भी शीतकालीन अवकाश के समय को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर दबाव पड़ रहा था कि अवकाशों के समय में परिवर्तन किया जाए। ऐसे में एक अप्रेल से नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही नया शिविरा पंचाग जारी किया है। इसमें पूरे सत्र में होने वाली गतिविधियों के साथ ही शीतकालीन, ग्रीष्माकालीन व मध्यावधि अवकाश यानी दीपावाली के अवकाशों की जानकारी दी गई है।