
जयपुर. यदि हम सडक पर गाडी खडी करें तो यादगार पहुंच जाती है और अगर आप करो तो पार्किंग बन जाती है। जी हां, कुछ इसी तरह के तरह के नियम शहर में जगह—जगह पार्किंग को लेकर निगम ने बनाए हुए हैं। कुछ ऐसा ही हाल इन दिनों जयपुरिया अस्पताल के बाहर देखने को मिल रहा है। जहां सडक पर ही पार्किंग शुल्क वसूलना शुरू कर दिया है। हॉस्पिटल के अंदर केवल स्टाफ के वाहनों को ही पार्क करने दिया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने हाल ही एक आदेश जारी कर मरीजों एवं परिजनों को अस्पताल में पार्किंग उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई व पार्किंग अस्पताल के बाहर कर दी थी।
उल्लेखनीय है कि निगम ने स्मार्ट पार्किंग का निर्माण करने के दौरान हजारों मरीजों-परिजनों को उचित पार्किंग उपलब्ध कराने के बजाय सडक पर गाडि़या खड़ी करने के लिए मजबूर कर दिया।
सडक पर पार्किंग, दोहरे नियम
अब निगम के ठेकेदार सडक पर पांच मिनट के ही 20 रुपए तक वसूल रहे है। जो लोग सडक के दूसरे हिस्से में गाड़ी खड़ी कर रहे हैं, उनके वाहन यातायात पुलिस उठा कर ले जा रही हैं।
निगम के ठेके का विरोध
निगम ने अस्पताल के बाहर दोनों तरफ ठेकेदार को वाहनों की पार्किंग के पैसे वसूलने का ठेका दिया है। जिसका मरीज विरोध कर रहे हैं, सुनने वाला कोई नहीं है। वहीं सडक़ पर पार्किंग से यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों व राहगीरों को परेशान होना पड़ रहा है।
शहर में और भी जगह
सडक पर पार्किंग शुल्क वसूलने का ठेका निगम ने शहर में कई जगह दे रखा हैै। जहां पार्किंग के नाम पर लोगों से चार्ज वसूला जाता है। इस तरह की ठेका प्रथा का पहले भी विरोध हो चुका है, लेकिन निगम को इसकी कोई परवाह नहीं है। वह तो बस अब टैक्स बटोरने में लगा हुआ है।