
जयपुर. ज्योतिष में जन्म समय के योग जातक के व्यवहार—विशेषता, गुण—अवगुणों के बारे में बहुत कुछ जानकारी दे देते हैं। 29 सितंबर 2020 को शाम 07 बजकर 24 मिनट तक शूल योग रहेगा। इसके बाद गंड योग प्रारंभ हो जाएगा। आप भी जानिए इन योगों में जन्म लेनेवाले बच्चे आखिर कैसे होंगे!
शूल योग
शूल योग के स्वामी राहु देव हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई के अनुसार इन जातकों को भरोसेमंद और भाग्यशाली माना जा सकता है। भौतिक सुख-सुविधाओं के साथ ही ये लोग आध्यात्मिक ज्ञान भी प्राप्त करना चाहते हैं। समाज सेवा भी करते हैं।
शरीर दुबला—पतला पर माथा चौड़ा होता है। बचपन में जातक के घर में क्लेश बना रहता है। जातक को ऊंचे स्थान से कूदने, पेडों पर चढने जैसे रोमांच के काम करने का शौक रहता है पर इससे चोट की आशंका भी रहती है।
जब नाक या कान सहलाए तो समझ जाना चाहिए कि ये झूठी बात सोच या बोल रहे हैं
ऐसे जातक जब नाक या कान सहलाए तो समझ जाना चाहिए कि ये झूठी बात सोच या बोल रहे हैं। जातक के प्रति प्राय: लोग आशंकित ही रहते हैं. किसी को भी इसके उठाए जानेवाले कदमों की जरा भी भनक नहीं लगती।