PM Vishwakarma Scheme: राजस्थान ने पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। राज्य ऋण स्वीकृति एवं वितरण में देश में दूसरा स्थान रखता है, जबकि टूलकिट वितरण और प्रशिक्षण के क्षेत्र में तीसरे स्थान पर है।
Business Loans in Rajasthan: जयपुर. मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शासन सचिवालय में पीएम विश्वकर्मा योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए राजस्थान के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2026 तक राज्य में 53,552 से अधिक कारीगरों और लाभार्थियों को बैंकों के माध्यम से 466.70 करोड़ रुपए से अधिक का ऋण वितरित किया जा चुका है। यह उपलब्धि राज्य की प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था और विभागों के बेहतर समन्वय का परिणाम है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि ऋण स्वीकृति में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए संबंधित बैंकों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएं, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को समय पर लाभ मिल सके। उन्होंने टूल किट वितरण, प्रशिक्षण व्यवस्था और बैंक प्रक्रियाओं को और अधिक सरल बनाने पर भी जोर दिया।
राजस्थान ने पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। राज्य ऋण स्वीकृति एवं वितरण में देश में दूसरा स्थान रखता है, जबकि टूलकिट वितरण और प्रशिक्षण के क्षेत्र में तीसरे स्थान पर है। राज्य का औसत ऋण टिकट साइज 87,000 रुपए है, जो राष्ट्रीय औसत 83,000 रुपए से अधिक है। स्वर्णकार, कुम्हार, मूर्तिकार, हथौड़ा एवं टूल निर्माता जैसे ट्रेड्स में पंजीकरण के आधार पर राजस्थान प्रथम स्थान पर है।
राज्य सरकार द्वारा कारीगरों को अमेजन, मीशो और फैब इंडिया जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। साथ ही ऑफलाइन बिक्री के लिए दिल्ली हाट और प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर उत्पादों को प्रदर्शित करने की सुविधा दी जा रही है, जिससे कारीगरों की आय में वृद्धि हो रही है और उन्हें स्थायी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना से वंचित लाभार्थियों को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत ऋण उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है।
| क्रमांक | श्रेणी | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | लाभार्थी संख्या | 53,552 लाभार्थियों को ऋण प्राप्त |
| 2 | कुल ऋण वितरण | ₹466.70 करोड़ से अधिक का वितरण |
| 3 | राष्ट्रीय रैंक | ऋण वितरण में देश में दूसरा स्थान |
| 4 | औसत ऋण राशि | प्रति लाभार्थी औसत ₹87,000 |
| 5 | ई-कॉमर्स जुड़ाव | अमेजन, मीशो, फैब इंडिया से कनेक्ट |
| 6 | ऑफलाइन बिक्री | दिल्ली हाट व रेलवे स्टेशनों पर बिक्री सुविधा |
| 7 | प्रशिक्षण सुविधा | कौशल प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण |
| 8 | रोजगार सृजन | स्वरोजगार और आय वृद्धि को बढ़ावा |