Industrial Development Rajasthan: यह नीति न केवल स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को भी वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में मजबूत कदम साबित हो रही है।
One District One Product: जयपुर. प्रदेश में स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में राजस्थान सरकार की ‘एक जिला–एक उत्पाद नीति 2024’ मील का पत्थर साबित हो रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर लागू की गई इस नीति के तहत राज्य के सभी 41 जिलों के विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस नीति का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग और बाजार तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सुरेश कुमार ओला के अनुसार, सरकार जिला स्तर के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए संरचित सहयोग प्रदान कर रही है, जिससे स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सकें।
यह नीति उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, स्थानीय उत्पादकों के लिए बाज़ार तक पहुँच बढ़ाने और प्रौद्योगिकी अपनाने तथा ब्रांडिंग और बुनियादी ढाँचे के माध्यम से उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार करने का प्रयास करती है। इस नीति को लागू करने के लिए आधिकारिक दिशा-निर्देश गत वर्ष 19 फरवरी को जारी किए गए।
नीति के तहत नए सूक्ष्म उद्यमों को 15 लाख रुपए तक 25 प्रतिशत और छोटे उद्यमों को 20 लाख रुपए तक 15 प्रतिशत पूंजी अनुदान दिया जा रहा है। गुणवत्ता सुधार और ब्रांडिंग के लिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्रों पर किए गए खर्च का 75 प्रतिशत (अधिकतम 3 लाख रुपए) तक पुनर्भरण किया जाता है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर जुड़ने के लिए दो वर्षों तक प्रतिवर्ष 1 लाख रुपये तक सहायता दी जा रही है।
तकनीकी उन्नयन को बढ़ावा देने के लिए मान्यता प्राप्त संस्थानों से उन्नत तकनीक या सॉफ्टवेयर खरीद पर 5 लाख रुपए तक 50 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। इसके साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भागीदारी के लिए स्टॉल किराया एवं यात्रा सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
यह नीति न केवल स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को भी वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में मजबूत कदम साबित हो रही है।
| सहायता का प्रकार | लाभ / अनुदान | अधिकतम सीमा | प्रतिशत सहायता |
|---|---|---|---|
| 🏭 नए सूक्ष्म उद्यम | पूंजी सब्सिडी | ₹15 लाख | 25% |
| 🏢 छोटे उद्यम | पूंजी सब्सिडी | ₹20 लाख | 15% |
| 🌍 राष्ट्रीय / अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी | स्टॉल किराया + यात्रा सहायता | ₹2 लाख | वास्तविक खर्च के अनुसार |
| 🏗️ क्लस्टर विकास | सामान्य सुविधा केंद्र की स्थापना | परियोजना अनुसार | सरकारी सहायता |
| 🏅 गुणवत्ता प्रमाणपत्र एवं IPR | पुनर्भरण सहायता | ₹3 लाख | 75% |
| 🛒 ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जॉइनिंग | वार्षिक पुनर्भरण (2 वर्ष तक) | ₹1 लाख प्रति वर्ष | 75% |
| 💻 तकनीकी उन्नयन | एडवांस टेक्नोलॉजी / सॉफ्टवेयर खरीद | ₹5 लाख | 50% |
| 📸 कैटलॉगिंग व वेबसाइट विकास | डिजिटल मार्केटिंग सहायता | ₹75,000 | 60% |