मोहित शर्मा.जयपुर. इंडिया में AI अब आम आदमी के रोज़मर्रा के कामों में घुस चुका है, और सबसे तेज़ ग्रोथ राजस्थान में दिख रही है। LinkedIn की हालिया स्टडी के मुताबिक, Jaipur जैसे Tier-2 शहरों में 94% छोटे-मध्यम बिज़नेस (SMBs) AI यूज़ कर रहे हैं या प्लान कर रहे हैं – ये बड़े शहरों से […]
मोहित शर्मा.
जयपुर. इंडिया में AI अब आम आदमी के रोज़मर्रा के कामों में घुस चुका है, और सबसे तेज़ ग्रोथ राजस्थान में दिख रही है। LinkedIn की हालिया स्टडी के मुताबिक, Jaipur जैसे Tier-2 शहरों में 94% छोटे-मध्यम बिज़नेस (SMBs) AI यूज़ कर रहे हैं या प्लान कर रहे हैं – ये बड़े शहरों से भी आगे हैं! छोटे दुकानदार, जैसे किराना स्टोर, हैंडीक्राफ्ट शॉप, या गारमेंट वाले, WhatsApp पर AI-पावर्ड एजेंट्स चला रहे हैं। Jaipur की गलियों से Pushkar के मेलों तक, AI चैटबॉट ने दुकानों को सुपरस्टोर बना दिया है। अब हर सवाल का जवाब AI दे रहा है।
Meta के अपडेट्स और कंपनियों जैसे Zotok.ai, Haptik, या लोकल Jaipur वाली Pixel Tech से पता चलता है कि छोटे बिज़नेस WhatsApp Business पर AI चैटबॉट्स यूज़ कर रहे हैं। कस्टमर मैसेज आते ही AI ऑटोमैटिक जवाब देता है – प्रोडक्ट कीमत बताना, ऑर्डर कन्फर्म करना, या सवाल सॉल्व करना।
राजस्थान के handicraft सेलर्स (जैसे Jaipur के पॉटरी या ब्लॉक प्रिंट वाले) AI से Reels ट्रांसलेट कर रहे हैं – हिंदी से इंग्लिश या लोकल भाषाओं में – ताकि टूरिस्ट्स और बाहर के कस्टमर आसानी से समझें। इससे रीच बढ़ रही है, और सेल्स 30-40% तक ऊपर जा रही है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनवरी 2026 में Rajasthan AI-ML Policy लॉन्च की, जो छोटे बिज़नेस को AI स्किल्स, स्टार्टअप सपोर्ट, और एथिकल यूज़ पर फोकस करती है। Jaipur में AI हब और डेटा सेंटर बन रहे हैं। छोटे दुकानदारों के लिए सस्ते टूल्स (500-2000/ रुपए महीना) उपलब्ध हैं – जैसे Leads Loom या Convo AI – जो हिंदी, Hinglish, राजस्थानी में बात करते हैं। डिसेबल्ड लोग भी वॉइस-टू-टेक्स्ट से मदद ले रहे हैं।
राजस्थान का AI मॉडल पूरे देश के लिए कुल मिलाकर, AI अब सिर्फ बड़े शहरों तक नहीं – राजस्थान के गांव-कस्बों तक पहुंच रहा है। छोटे दुकानदारों की सपोर्ट कॉस्ट कम हो रही है, कस्टमर सैटिस्फैक्शन बढ़ रहा है, और कमाई नए लेवल पर। सरकार और Meta जैसे प्लेटफॉर्म्स इसे और तेज़ कर रहे हैं।