Smart City Mission Jaipur : जयपुर स्मार्ट सिटी ने सात साल का सफर पूरा कर लिया है। स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने रविवार को अपनी सालगिरह मनाई।
जयपुर। जयपुर स्मार्ट सिटी ने सात साल का सफर पूरा कर लिया है। स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने रविवार को अपनी सालगिरह मनाई। इस बीच सात साल में जयपुर स्मार्ट सिटी ने 133 काम हाथ में लिए, जिसमें से 102 काम पूर कर लिए। बाकी प्रोजेक्ट्स को भी जल्द पूरा करने का स्मार्ट सिटी अधिकारी दावा कर रहे है। जून तक इन कामों को पूरा करने की डेडलाइन है। जयपुर स्मार्ट सिटी को 891 करोड़ रुपए का बजट मिला। इसमें 807 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत जयपुर को स्मार्ट बनाने के मकसद से जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड का गठन हुआ। जयपुर शहर के हैरिटेज को संरक्षित रखने के साथ शहर को स्मार्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने और खूबसूरत बनाने के लिए 133 प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया। इसके तहत स्मार्ट रोड बनाने, हेरिटेज को संरक्षित रखने, बेहतर सफाई व्यवस्था करने, खेल मैदान में सुविधाएं विकसित करने, अस्पतालों के लिए भवन निर्माण और शिक्षा के लिए कॉलेन और स्कूल भवन बनाने जैसे काम हाथ में लिए गए। हालांकि जयपुर स्मार्ट सिटी कुछ कामों पर अपने लक्ष्य पर कामयाब हो सका तो कई पर अब भी इम्तिहान बाकी हैं।
मंत्री ने कहा, क्वालिटी वर्क किया
जयपुर स्मार्ट सिटी की वर्षगांठ पर आज मुख्यालय पर जलदाय मंत्री महेश जोशी पहुंचे। मंत्री महेश जोशी ने स्मार्ट सिटी के कार्यो पर संतोष जताते हुए कहा कि शहर के विकास में जयपुर स्मार्ट सिटी ने अहम भूमिका निभाई हैं। इसमें बड़े स्तर पर क्वालिटी वर्क किया। इससे जयपुर की जनता लाभान्वित हुई। आईटी के क्षेत्र में भी जयपुर स्मार्ट सिटी ने कार्य किया। जबकि कुछ ही समय पहले सांसद रामचरण बोहरा ने शहर का दौरा कर कई आपत्तियों को गिनाया था। लेकिन मंत्री महेश जोशी ने कहा कि हरेक का अपना नजरीया हैं। लेकिन वर्षगांठ पर अपने किए काम-काज का सिंहावलोकन करने और आगामी लक्ष्य पर काम करने को लेकर हमारा फोकस होना चाहिए।
कहां से कितना बजट मिला
केन्द्र और राज्य सरकार के सहयोग से स्मार्ट सिटी मिशन में जयपुर को एक हजार करोड़ रुपए के बजट के साथ ने 133 प्रोजेक्ट्स का लक्ष्य तय किया था। इनमें से 891 करोड़ रुपए स्मार्ट सिटी के खाते में आए, जिसमें से 807 करोड़ रुपए खर्च कर अब तक 102 कार्य पूरे कर लिए, जबकि 31 काम अभी भी चल रहे है।
7 साल में हुए ये 10 बड़े काम
1. किशनपोल व चांदपोल बाजारों में स्मार्ट रोड — 50 करोड़ खर्च
2. आईसीटी वर्क — 38 करोड़ खर्च
3. बरामदों का सौन्दर्य — 9 करोड़ खर्च
4. जयपुरिया, चौगान, चांदपोल अनाज मंडी पार्किंग — 35 करोड़ खर्च
5. राजस्थान विधानसभा में डिजिटल म्यूजियम — 13 करोड़ खर्च
6. राजभवन में संविधान पार्क — 9.6 करोड़ खर्च
7 . कंवर नगर में कन्या महाविद्यालय भवन — 13 करोड़ खर्च
8. चौगान स्टेडियम खेल गतिविधियों के लिए निर्माण कार्य — 38 करोड़ खर्च
9. पं दीनदायल उपाध्याय अस्पताल गणगौरी बाजार भवन निर्माण — 42 करोड़ खर्च
10. आईपीडी अस्पताल निर्माण कार्य में भागीदारी — 125 करोड़ खर्च
जून तक काम पूरे करना चुनौती
जून 2023 में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की अवधि खत्म होने जा रही हैं। अब तीन महीने में 31 परियोजना पूरी करना किसी चुनौती से कम नहीं है। यानि तय वक्त पर अधूरा काम होने के कारण केन्द्र सरकार के सौ स्मार्ट शहरों में शामिल होने वाला शहर नहीं बन पाएगा। लेकिन इन सब के बीच यह भी जरूरी है कि जयपुर स्मार्ट सिटी के तहत जो इन्फ्रा तैयार किया गया वह जनता के काम आ सके साथ ही उसकी देखभाल और रख-रखाव भी हो। नहीं तो मिशन के तहत बहाया हजार करोड़ का बजट कहीं व्यर्थ नहीं हो जाए।