
Smart Meters : जयपुर डिस्कॉम शहर में 2 लाख 30 हजार बिजली उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगा रहा है, लेकिन मीटर लगाने की प्रक्रिया उपभोक्ताओं के लिए असहज करने वाली बन गई है। कई सब डिवीजनों में स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी के कर्मचारी अचानक उपभोक्ताओं के घर पहुंच रहे हैं। तीन-चार अजनबी व्यक्तियों के अचानक घर पर आने से उपभोक्ता असहज हो रहे हैं और यह तय नहीं कर पा रहे कि इन व्यक्तियों को घर में प्रवेश दें या नहीं। कई उपभोक्ता तो बिना मीटर लगाए कर्मचारियों को वापस भेज रहे हैं।
जयपुर शहर में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य चल रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं को न तो उनके मोबाइल पर कोई संदेश दिया जा रहा है और न ही किसी अन्य माध्यम से सूचना दी जा रही है कि किस दिन कर्मचारी उनके घर पहुंचेंगे। संबंधित सहायक अभियंता भी इस विषय में गंभीर नहीं हैं और उनके स्तर पर भी कोई सूचना प्रसारित नहीं कराई जा रही है।
चार दिन पहले मानसरोवर के शिप्रापथ क्षेत्र में रहने वाले एक उपभोक्ता के घर सुबह-सुबह स्मार्ट मीटर कंपनी के कर्मचारी पहुंचे और एक बड़े बॉक्स को खोलने लगे। उपभोक्ता के पूछने पर उन्होंने बताया कि, वे डिस्कॉम की ओर से स्मार्ट मीटर लगाने आए हैं। लेकिन उपभोक्ता को पूर्व में इस बारे में कोई सूचना नहीं दी गई थी, जिस कारण उन्होंने कर्मचारियों को वापस भेज दिया।
गौरतलब है कि बिजली के स्मार्ट मीटर केंद्र सरकार की योजना के तहत लगाए जा रहे हैं। प्रक्रिया के अंतर्गत यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी सब डिवीजन में स्मार्ट मीटर लगाने से पूर्व उपभोक्ता को सूचना दी जानी आवश्यक है, ताकि किसी प्रकार की असमंजस या असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न न हो।
स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। कंपनी के कर्मचारियों के पास पहचान पत्र भी हैं। व्यवस्था को और अधिक उपभोक्ता अनुकूल बनाने के लिए उच्च अधिकारियों से दिशा-निर्देश लिए जाएंगे।
अनिल टोडवाल, अधीक्षण अभियंता, जयपुर शहर दक्षिण