
CM Bhajanlal Sharma
राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों, कन्या महाविद्यालयों और मेडिकल कॉलेजों की पहचान को और अधिक सम्मानजनक बनाने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। मंगलवार को शासन सचिवालय जयपुर में आयोजित मंत्रिमण्डलीय उपसमिति की एक अहम बैठक में प्रदेश के कई राजकीय महाविद्यालयों, सैटेलाइट अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के नाम बदलने तथा उनके नए नामकरण के प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगा दी गई। उप मुख्यमंत्री और उपसमिति के संयोजक डॉ. प्रेमचंद बैरवा की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में यह सर्वसम्मति से तय किया गया कि संस्थानों का नामकरण देश व प्रदेश के ऐतिहासिक महापुरुषों, अमर बलिदानियों और स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जिन शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण व विकास में दानदाताओं (भामाशाहों) का वित्तीय योगदान रहा है, उनमें 'राजकीय' शब्द के तुरंत बाद संबंधित दानदाता का नाम अनिवार्य रूप से जोड़ा जाएगा।
सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान उपसमिति ने राज्य के प्रमुख जिलों में स्थित नए और संचालित मेडिकल कॉलेजों के नामकरण पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद नए नामों को मंजूरी प्रदान की।
हनुमानगढ़ मेडिकल कॉलेज: हनुमानगढ़ स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय का नाम अब देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीद की याद में "बलिदानी योद्धा मेजर विकास भाम्भू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हनुमानगढ़" कर दिया गया है।
श्रीगंगानगर मेडिकल कॉलेज: श्रीगंगानगर के मेडिकल कॉलेज को क्षेत्र के विकास पुरुष के रूप में याद किए जाने वाले महाराजा के नाम पर अब "महाराजा गंगा सिंह राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, श्रीगंगानगर" के नाम से जाना जाएगा।
पाली मेडिकल कॉलेज: पाली स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय का नाम मेवाड़ के महान शिरोमणि योद्धा के सम्मान में "महाराणा प्रताप राजकीय मेडिकल कॉलेज, पाली" किया गया है।
अलवर मेडिकल कॉलेज: अलवर के सरकारी मेडिकल कॉलेज को देश के पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर "भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय मेडिकल कॉलेज, अलवर" नाम दिया गया है।
चिकित्सा महाविद्यालयों के अलावा प्रदेश के क्षेत्रीय अस्पतालों और जिला स्तर के कन्या महाविद्यालयों में भी दानदाताओं और विचारकों के सम्मान में नाम परिवर्तन किए गए हैं।
अजमेर का सैटेलाइट अस्पताल: अजमेर जिले के कोटड़ा स्थित राजकीय सैटेलाइट चिकित्सालय का नाम बदलकर अब "पण्डित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय सैटेलाइट चिकित्सालय, कोटड़ा, जिला अजमेर" कर दिया गया है।
बारां का छबड़ा कन्या कॉलेज: बारां जिले में स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय, छबड़ा के निर्माण में योगदान देने वाले भामाशाह परिवार के सम्मान में इसका नाम "राजकीय श्रीमती चन्द्रकांता कस्तूरचंद स्वर्णकार कन्या महाविद्यालय, छबड़ा" रखने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है।
उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया कि राजस्थान की पावन धरा हमेशा से दानदाताओं और भामाशाहों की गवाह रही है।
राज्य सरकार की इस नई नीति के तहत यदि कोई व्यक्ति, ट्रस्ट या सामाजिक संस्था किसी सरकारी स्कूल, कॉलेज या अस्पताल के भवन निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट या भूमि आवंटन में अपना महत्वपूर्ण आर्थिक योगदान देता है, तो उस संस्थान के आधिकारिक नाम में 'राजकीय' शब्द के ठीक बाद उस दानदाता का नाम जोड़ा जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस कदम से प्रदेश के संपन्न और भामाशाह परिवारों को अपने-अपने क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए योगदान देने की प्रेरणा मिलेगी।
शासन सचिवालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह, विद्यालय शिक्षा मंत्री मदन दिलावर तथा जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने अपने-अपने विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर विचार साझा किए।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं उपसमिति के सदस्य सचिव कुलदीप रांका, प्रमुख शासन सचिव नवीन जैन और प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ सहित उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे। उपसमिति द्वारा लिए गए इन निर्णयों के बाद अब संबंधित विभागों द्वारा गजट नोटिफिकेशन जारी करने और रिकॉर्ड संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
Updated on:
22 Jul 2026, 8:38 AM IST
Published on:
22 Jul 2026, 8:37 AM IST
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