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राजस्थान में लड़खड़ाई स्मार्ट मीटर योजना, डिस्कॉम प्रबंधन ने दी टेंडर रद्द करने की चेतावनी, अब अटकेगी सब्सिडी, पढ़ें पूरी खबर

Rajasthan Smart Meter Scheme: राजस्थान में अभी तक 14 लाख मीटर लग जाने चाहिए थे, लेकिन सिर्फ 2.87 लाख लगाए जा सके हैं। इससे केंद्र सरकार की सब्सिडी अटकने की आशंका भी बन गई। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
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जयपुर

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 11 Jul 2025, 9:43 AM IST

Rajasthan Smart Meter scheme Falters Discom management warned of cancelling tender now subsidy will be stuck read full news

फाइल फोटो पत्रिका

भवनेश गुप्ता
Rajasthan Smart Meter Scheme :
राजस्थान में 14 हजार करोड़ के 1.43 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरुआत में ही लड़खड़ा गया है। अब तक 14 लाख मीटर लग जाने चाहिए थे, लेकिन सिर्फ 2.87 लाख लगाए जा सके हैं। इससे केंद्र सरकार की सब्सिडी भी अटकने की आशंका भी बन गई। साथ ही डिस्कॉम्स और जनता को मिलने वाली सहुलियत में भी देरी हो रही है। इसे देखते हुए डिस्कॉम प्रबंधन ने अनुबंधित कंपनी को नोटिस देकर चेताया है कि तीन माह में सुधार नहीं हुआ तो टेंडर निरस्त कर देंगे। प्रदेश में अभी सालाना 50 हजार करोड़ की बिलिंग हो रही है।

शुरुआती छह माह तक होती रहेगी बिलिंग

सब कुछ ठीकठाक चला तो डिस्कॉम शुरुआती चार से छह माह तक पोस्टपेड की सुविधा ही देता रहेगा। इसके बाद स्वत: प्रीपेड किया जाएगा। यानि रिचार्ज कराने के बाद ही बिजली सप्लाई शुरू होगी।

किस डिस्कॉम में कितने लगेंगे मीटर

डिस्कॉम - मीटर लागत - अभी लगाए
जयपुर - 47.63 - 31.38 करोड़ - 1.66 लाख।
अजमेर - 54.32 लाख - 3663 करोड़ - 0.81 लाख।
जोधपुर - 40.80 लाख - 2877 करोड़ - 0.40 लाख।

चार बड़ी चुनौतियां…

01- सब्सिडी पर संकट
ऊर्जा विभाग ने केंद्र सरकार को दिसम्बर, 2026 तक काम पूरा करने के लिए आश्वस्त कर रखा है, लेकिन मौजूदा स्थितियों में यह संभव नहीं लग रहा। ऐसे में सब्सिडी अटक सकती है।
02- लागत बढ़ने की आशंका
यदि टेंडर निरस्त होता है तो डिस्कॉम को दोबारा प्रक्रिया शुरू करनी होगी, जो आसान नहीं होगा। काम तो अटकेगा ही, साथ ही लागत भी बढ़ने की आशंका रहेगी। नोटिस जीनस मीटरिंग कम्युनिकेशन को दिया गया है।
03- चूक करने वाले हों एक्सपोज
इस लापरवाही के लिए दोषी कंपनी के साथ अफसर भी है या नहीं, यह सामने लाना होगा।
04- मीटर तेज चलने की शंका
स्मार्ट मीटर को लेकर ’तेज बिलिंग’ की शिकायतें आ रही हैं, जिससे आमजन का भरोसा डगमगाया हुआ है। डिस्कॉम को पारदर्शिता के लिए उपभोक्ताओं को इसकी वास्तविक स्थिति बताने का मैकेनिज्म तैयार करना होगा।

योजना से ‘सिस्टम और जनता’ दोनों को लाभ

1- स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मोड पर करने के बाद उपभोक्ता को पहले रिचार्ज कराना होगा। डिस्कॉम्स को पहले ही पैसा मिल जाएगा तो वह भी उत्पादन कंपनियों को समय पर भुगतान कर पाएगी।
2- बिलिंग जारी करने से लेकर वितरित करने की प्रक्रिया खत्म होगी।
3- उपभोक्ताओं को 15 पैसे यूनिट की छूट मिलेगी। प्रतिदिन की बिजली खपत और शुल्क (खर्चे) की जानकारी मिलेगी।