पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा है कि उनकी जीत हमेशा जीत में नहीं, बल्कि हार ने उनकी किस्मत लिखी है। उन्होंने कहा कि जीवन में मिले संघर्ष और असफलताएं ही व्यक्ति की वास्तविक पहचान और दिशा तय करती हैं।
जयपुर। पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा है कि उनकी जीत हमेशा जीत में नहीं, बल्कि हार ने उनकी किस्मत लिखी है। उन्होंने कहा कि जीवन में मिले संघर्ष और असफलताएं ही व्यक्ति की वास्तविक पहचान और दिशा तय करती हैं। स्मृति ईरानी सोमवार को सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 के दूसरे दिन आयोजित सत्र "लीडरशिप बियॉण्ड लेबल्स: वीमन, पावर एंड पब्लिक सर्विस" में संबोधित कर रही थीं।
स्मृति ईरानी ने कहा कि महिला नेतृत्व, सामाजिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी, दृढ़ता और अनुशासन जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि महिलाएं तकनीक, नीति, स्टार्टअप और सार्वजनिक क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं और नेतृत्व निभा रही हैं। टाई ग्लोबल के संयोजक महावीर प्रताप शर्मा से संवाद करते हुए स्मृति ईरानी ने अपने अनुभवों के आधार पर नेतृत्व से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि जीवन में विभिन्न क्षेत्रों में काम करने से उन्हें मल्टीटास्किंग की क्षमता विकसित करने में मदद मिली।
उन्होंने अपने चुनावी अनुभवों पर भी खुलकर बात की और कहा कि हार से उन्हें सबसे महत्वपूर्ण सबक मिले। उन्होंने कहा कि उनकी जीत, जीत में नहीं बल्कि हार में है। हार ने उनकी किस्मत लिखी है। उन्होंने कहा कि हार या जीत को महिला से नहीं जोड़ा जाना चाहिए, बल्कि यह लैंगिक समानता का विषय है।
स्मृति ईरानी ने भारत में महिला उद्यमियों के सामने आने वाली वास्तविक चुनौतियों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश की नौ करोड़ स्वयं सहायता समूह की महिलाएं नए भारत की सशक्त और उजली तस्वीर पेश कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उनके प्रयासों का उद्देश्य एक लाख महिलाओं को सशक्त बनाना, 300 स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और 100 मिलियन डॉलर से अधिक का फंड बनाना है। ये पहले महिलाओं के उद्यमिता इकोसिस्टम को मजबूत करने, अवसरों, पूंजी और मेंटरशिप तक पहुंच सुनिश्चित करने की लंबी अवधि की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।