जयपुर। आंतों के कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान और इलाज अब जयपुर के मरीजों के लिए और आसान होने जा रहा है। सवाई मानसिंह अस्पताल के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुधीर महर्षि को आंतों के कैंसर की प्रारंभिक पहचान की अत्याधुनिक तकनीक सीखने का अवसर मिला है, जिससे प्रदेश के […]
जयपुर। आंतों के कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान और इलाज अब जयपुर के मरीजों के लिए और आसान होने जा रहा है। सवाई मानसिंह अस्पताल के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुधीर महर्षि को आंतों के कैंसर की प्रारंभिक पहचान की अत्याधुनिक तकनीक सीखने का अवसर मिला है, जिससे प्रदेश के मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
डॉ. महर्षि को ओसाका स्थित अंतरराष्ट्रीय कैंसर संस्थान में इमेज एन्हांस्ड एंडोस्कोपी के जरिए आंतों के कैंसर की शुरुआती पहचान और इलाज का प्रशिक्षण मिलेगा। इस तकनीक की खास बात यह है कि कैंसर को शुरुआती चरण में ही पहचानकर बिना बड़े ऑपरेशन के एंडोस्कोपी के माध्यम से उसका इलाज संभव हो सकेगा। प्रशिक्षण के बाद यह सुविधा एसएमएस अस्पताल में भी उपलब्ध कराई जा सकेगी।
एसएमएस अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में पेट और आंतों से जुड़ी बीमारियों के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आंतों के कैंसर के कई मामले देर से सामने आने के कारण इलाज जटिल हो जाता है। यदि शुरुआती अवस्था में पहचान हो जाए तो मरीज को न केवल सर्जरी से बचाया जा सकता है, बल्कि इलाज की सफलता की संभावना भी काफी बढ़ जाती है।