
जयपुर। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल के चरक भवन स्थित ईएनटी वार्ड में छत का चलता हुआ पंखा अचानक नीचे गिर गया। पंखा वहां मौजूद महिला के सिर पर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद महिला के सिर से खून बहने लगा और वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायल महिला के सिर पर उपचार के दौरान 15 टांके लगाए गए।
जानकारी के अनुसार, करौली निवासी रेणु देवी अपनी बहन संतोष देवी के साथ एसएमएस अस्पताल के चरक भवन स्थित ईएनटी वार्ड में मौजूद थीं। संतोष देवी के कान का ऑपरेशन हुआ था और वह अस्पताल में भर्ती थीं। रेणु देवी अपनी बहन के पलंग के पास रखी टेबल पर बैठी हुई थीं। इसी दौरान अचानक छत पर लगा पंखा गिर गया और सीधे रेणु देवी के सिर पर जा लगा।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय पंखा चल रहा था। अचानक पंखा नीचे गिरने से महिला को सिर में गंभीर चोट आई। पंखा गिरने की आवाज सुनकर वार्ड में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में हड़कंप मच गया। परिजनों ने आनन-फानन में घायल महिला को संभाला। उसके सिर से काफी खून निकल रहा था।
परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद महिला को तत्काल उपचार नहीं मिल पाया। उनका कहना है कि करीब 10 से 15 मिनट तक वे घायल महिला के इलाज का इंतजार करते रहे। इसके बाद नर्सिंग स्टाफ की ओर से एम्बुलेंस बुलाई गई। परिजनों के मुताबिक एम्बुलेंस आने में भी करीब 10 से 15 मिनट का समय लगा। इसके बाद महिला को उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।
ट्रॉमा सेंटर पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने महिला का उपचार शुरू किया। सिर में चोट गहरी होने के कारण डॉक्टरों ने घाव पर 15 टांके लगाए। उपचार के बाद महिला की स्थिति को लेकर परिजनों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस घटना ने अस्पताल में मरीजों और उनके साथ मौजूद परिजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि जिस पंखे के गिरने से महिला घायल हुई, उसे ठीक कराने की कवायद हादसे के बाद शुरू की गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि वार्ड में लगे पंखों और अन्य उपकरणों की नियमित रूप से जांच क्यों नहीं की गई।
इस घटना ने अस्पताल के वार्डों में सुरक्षा इंतजामों की नियमित निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन आते हैं। ऐसे में छत पर लगे पंखे जैसे उपकरणों की फिटिंग और उनकी स्थिति की समय-समय पर जांच बेहद जरूरी है। वहीं, हादसे के बाद घायल महिला को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और उसे संबंधित विभाग तक पहुंचाने की व्यवस्था को लेकर भी