जयपुर

जयपुर के SMS हॉस्पिटल में कर्मचारियों ने दिया धरना: नौकरी के पहले ही दिन काम को लेकर हुआ विवाद

Jaipur SMS Hospital Protest: जयपुर के SMS हॉस्पिटल में नौकरी के पहले दिन कर्मचारियों ने वार्ड बॉय की ड्यूटी का विरोध करते हुए धरना दिया। धरने में 50 से ज्यादा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल थे।
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Sep 03, 2026
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जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में कर्मचारियों ने किया धरना प्रदर्शन (Photo - Social Media)

जयपुर। सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में गुरुवार को नौकरी जॉइन करने पहुंचे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और हॉस्पिटल प्रशासन के बीच काम को लेकर विवाद हो गया। पहली पोस्टिंग के लिए आए 50 से ज्यादा कर्मचारियों ने वार्ड बॉय का काम करने से इनकार कर दिया और सुबह करीब 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक हॉस्पिटल के पोर्च में धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें जिस काम की जिम्मेदारी दी जा रही है, उसका जॉब चार्ट में साफ तौर पर उल्लेख नहीं है।

कर्मचारियों का क्या है कहना?

धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना था कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के जॉब चार्ट में वार्ड बॉय का काम शामिल नहीं है। ऐसे में अगर उनसे जॉब चार्ट में तय जिम्मेदारियों से अलग काम करवाया जाएगा तो वे उसे करने के लिए तैयार नहीं हैं। इसी बात को लेकर कर्मचारियों ने हॉस्पिटल परिसर में एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज कराया।

जानिए पूरा मामला

दरअसल, मामला यह है कि सरकार की तरफ से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती के बाद करीब 150 कर्मचारियों को पहली पोस्टिंग के तौर पर सवाई मानसिंह हॉस्पिटल भेजा गया था। इसके बाद हॉस्पिटल प्रशासन ने सभी कर्मचारियों को अलग-अलग सेक्शन में काम सौंपा। काम सौंपने के बाद 50 कर्मचारियों को वार्ड बॉय की जिम्मेदारी दी गई। काम का अलॉटमेंट सामने आने के बाद इन कर्मचारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि उन्होंने जिस पद पर नियुक्ति पाई है, उसके जॉब चार्ट के मुताबिक ही उनसे काम लिया जाना चाहिए।

हॉस्पिटल प्रशासन का पक्ष

वहीं, हॉस्पिटल प्रशासन ने कर्मचारियों की आपत्ति पर अपना पक्ष रखा है। SMS हॉस्पिटल अधीक्षक के अनुसार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वार्ड बॉय की जिम्मेदारी देना नियमों के खिलाफ नहीं है। उन्होंने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की जॉब रिस्पॉन्सिबिलिटी गाइडलाइन के सेक्शन-C में दोनों की जिम्मेदारियों को समान बताया गया है। इसी आधार पर कर्मचारियों की ड्यूटी तय की गई है। उन्होंने बताया कि विरोध कर रहे कर्मचारियों को भी संबंधित गाइडलाइन की कॉपी दी गई है, ताकि उन्हें साफ तौर पर पता चल सके कि ड्यूटी किस नियम के तहत लगाई गई है।

53,749 पदों पर हुई थी चतुर्थ श्रेणी की भर्ती

साल 2025 में हुई चतुर्थ श्रेणी भर्ती में युवाओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया था। 53,749 पदों के लिए आयोजित परीक्षा के लिए करीब 24.75 लाख आवेदन आए थे। इस भर्ती में सिर्फ 10वीं-12वीं पास अभ्यर्थी ही नहीं, बल्कि ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, बीटेक और दूसरी डिग्री रखने वाले युवा भी शामिल हुए थे। परीक्षा में चयन के बाद अब कर्मचारियों को अलग-अलग सरकारी विभागों और संस्थानों में उनकी पहली पोस्टिंग दी जा रही है।

Updated on:
03 Sept 2026 05:58 pm
Published on:
03 Sept 2026 05:58 pm