
जयपुर/पत्रिका। Social Media Impact: पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर और भारत से पाकिस्तान गई अंजू की कहानी में दो बातें साझा हैं। दोनों अपने प्रेमियों से सोशल मीडिया के जरिए मिलीं और दोनों के पुरुष पात्र यानी प्रेमी अपने देश में ही रहे, जबकि महिला पात्र बॉर्डर अन्य बाधाएं पार करते हुए अपने प्रेमी के पास जा पहुंचीं। ये कहानी बता रही है कि कैसे सोशल मीडिया महिलाओं के फैसले तय कर रहा है।
महिलाएं फेसवैल्यू पर ले लेती हैं पोस्ट
पुरुषों की तुलना में महिलाओं के सोशल मीडिया की गिरफ्त में आने की आशंका ज्यादा है। वे किसी पोस्ट को उसकी फेसवैल्यू पर ले लेती हैं।-नीति शिखा, यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रेडफोर्ड, लंदन
अन्य एक्टिविटी को छोड़ना हानिकर
लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, लड़कियों पर सोशल मीडिया का असर तब हानिकारक देखा गया जबकि उपयोगकर्ता नींद, एक्सरसाइज आदि अपनी सामान्य गतिविधियों को छोड़कर सोशल मीडिया की ओर मुड़ जाए।
सोशल मीडिया पर महिलाएं ज्यादा
सोशल मीडिया पर अध्ययनों की मानें तो ये सिर्फ सीमा हैदर और अंजू की बात नहीं है। अध्ययनों के अनुसार, महिला और पुरुष दोनों पर सोशल मीडिया का काफी भिन्न असर हो रहा। एक तरफ आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं सोशल मीडिया का उपभोग ज्यादा कर रही हैं। दूसरी तरफ अध्ययन बता रहे हैं कि पुरुष सोशल मीडिया का उपयोग सूचना लेने, प्रभाव बढ़ाने के लिए कर रहे, जबकि महिलाएं दोस्तों और दुनिया से जुड़ने के लिए कर रही हैं।
महिलाओं में सोशल मीडिया की लत ज्यादा
अमरीकी सरकार के नेशनल लाइब्रेरी फॉर मेडिसिन पोर्टल पर प्रकाशित अध्ययन के अनुसार पुरुषों की तुलना में महिलाओं में सोशल मीडिया की ज्यादा लत देखी गई है। सोशल मीडिया के उपभोग पर जेंडर का असर मापने के लिए किए गए अन्य अध्ययन भी इसकी पुष्टि करते हैं कि महिलाएं सोशल मीडिया का उपभोग ज्यादा कर रहीं और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर ज्यादा असर हो रहा।