जयपुर

स्टाफ के साथ मिलकर कंप्यूटर में लगाया था सॉफ्टवेयर, राजस्थान कांस्टेबल भर्ती परीक्षा धांधली में SOG ने किया गिरफ्तार

राजस्थान कांस्टेबल भर्ती-2017 परीक्षा में हुई धांधली मामले में एसओजी को बड़ी सफलता मिली है। जांच के दौरान सामने आया कि परीक्षा केंद्र के स्टाफ की मिलीभगत से कंप्यूटर में रिमोट सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर अभ्यर्थी का पेपर बाहर बैठे सॉल्वर से हल कराया। मामले में एसओजी ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।
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Updated: 3 Jun 2026, 7:50 AM IST
Rajasthan Constable Exam Scam
आरोपी कानाराम की फोटो: पत्रिका

Rajasthan Constable Exam Scam: राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती-2017 की ऑनलाइन परीक्षा में संगठित तरीके से की गई धांधली के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। डीडवाना-कुचामन के नागवारा निवासी कानाराम पर परीक्षा केंद्र के स्टाफ से मिलीभगत कर एक अभ्यर्थी का पेपर सॉल्वर से हल करवाने का आरोप है। एसओजी के अनुसार इस प्रकरण में अब तक 34 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि एपटेक कंपनी के कर्मचारी रोहन कपूर ने इस संबंध में वर्ष 2018 में मामला दर्ज करवाया था।

रिपोर्ट के अनुसार जयपुर के मालवीय नगर स्थित सरस्वती इन्फोटेक केंद्र पर कांस्टेबल भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। जांच में सामने आया था कि एक संगठित गिरोह ने परीक्षा केंद्रों पर लगे कंप्यूटर सिस्टम से छेड़छाड़ कर अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की साजिश रची।

सीट बदलकर कंप्यूटर में लगाया रिमोट सॉफ्टवेयर

जांच के दौरान सामने आया कि परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थी हीरालाल को विशेष व्यवस्था के तहत मदद पहुंचाई गई। 9 मार्च 2018 को आयोजित परीक्षा की दूसरी पारी में हीरालाल को पहले निर्धारित सीट संख्या 53 पर बैठाया था लेकिन बाद में साजिश के तहत उसे सीट संख्या 66 पर ट्रांसफर कर दिया गया ताकि हैकिंग आराम से की जा सके।

सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुला राज

जांच में यह भी सामने आया कि सीट बदलने के बाद संबंधित कंप्यूटर को लॉगऑफ कर दोबारा चालू किया गया। इसके बाद उसमें पेन ड्राइव की मदद से एक रिमोट कंट्रोल सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया जिससे कंप्यूटर का एक्सेस परीक्षा केंद्र से दूर बैठे सॉल्वर को दे दिया। सॉल्वर ने रिमोट एक्सेस के जरिए अभ्यर्थी की स्क्रीन को नियंत्रित करते हुए प्रश्नों के उत्तर हल किए और उन्हें सिस्टम में दर्ज किया। एसओजी की तकनीकी जांच, डिजिटल साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण में इस पूरी साजिश की पुष्टि हुई।

जांच अधिकारियों के अनुसार ये कार्य सुनियोजित तरीके से परीक्षा केंद्र के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से किया गया था। इस तरीके से अभ्यर्थी को अनुचित लाभ पहुंचाने और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। मामले में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर एसओजी लगातार कार्रवाई कर रही है और इस संगठित गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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3 Jun 2026, 7:50 AM IST
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