Somnath Swabhiman Parv : पूरे देश में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ कल सोमवार 11 मई को मनाया जाएगा। इस अवसर पर राजस्थान के 41 जिलों के प्रमुख शिवालयों में विशेष आयोजन होंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम जयपुर स्थित झारखंड महादेव मंदिर में सीएम भजनलाल शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया जाएगा।
Somnath Swabhiman Parv : जयपुर। सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष तथा मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 11 मई को देशभर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जाएगा। कला एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार राजस्थान में भी राज्य एवं जिला स्तर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कला एवं संस्कृति विभाग तथा देवस्थान विभाग राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में प्रदेश के 41 जिलों के प्रमुख शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान और राष्ट्रीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया जाएगा। मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम गुजरात के सोमनाथ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होगा।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम जयपुर स्थित झारखंड महादेव मंदिर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया जाएगा। सचिव शुचि त्यागी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है।
देवस्थान आयुक्त लक्ष्मी नारायण ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में प्रमुख शिवालयों को आयोजन स्थलों के रूप में चयनित किया गया है। इनमें श्रीगंगानगर के सदाशिवजी मंदिर अनूपगढ़, बीकानेर के शिखरबंद महादेव मंदिर, जैसलमेर के मुक्तेश्वर महादेव मंदिर, बाड़मेर के शिवशक्ति धाम, उदयपुर के महाकालेश्वर महादेव मंदिर, बांसवाड़ा के वनेश्वर एवं मदारेश्वर महादेव मंदिर, कोटा के नीलकंठ महादेव मंदिर, भरतपुर के श्मशानेश्वर महादेव मंदिर, अलवर के त्रिपोलिया महादेव मंदिर, जयपुर के झारखंड महादेव मंदिर, अजमेर के कोटेश्वर महादेव मंदिर, नागौर के जबरेश्वर महादेव मंदिर तथा जोधपुर के पातालेश्वर महादेव मंदिर सहित अन्य प्रमुख शिवालयों में विशेष आयोजन होंगे।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व सोमनाथ मंदिर की चिरस्थायी विरासत का सम्मान करता है। यह 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले दर्ज हमले के एक हजार साल पूरे होने का प्रतीक है। 11 मई, 2026 को 1951 में सोमनाथ मंदिर के फिर से खुलने की 75वीं वर्षगांठ भी है, उस समय इसे भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया था। उन्होंने सोमनाथ को भारत की आध्यात्मिक शक्ति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक के रूप में वर्णित किया था। मंदिर का फिर से खुलना, केवल एक मंदिर के जीर्णोद्धार से कहीं बढ़कर था। यह सदियों के संघर्ष के बाद भारत के सभ्यतागत विश्वास को फिर से जगाने का का प्रतिनिधित्व करता है।
इसलिए, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत के इतिहास के दो महत्वपूर्ण पड़ावों को एक साथ प्रस्तुत करता है। जहाँ पहला पड़ाव विनाश का प्रतीक है, वहीं दूसरा पड़ाव विनाश पर विजयी होने में देश की अगाध श्रद्धा और जीवंतता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं, मंदिर के पुनरुद्धार की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 11 मई को सोमनाथ मंदिर का दर्शन करेंगे।