सोनोग्राफी पर रहेगी जीपीएस की नजर

 प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या पर लगाम कसने की कवायद में सोनोग्राफी केन्द्रों को जीपीएस की जद में लेने की कवायद प्रारम्भ हुई है। इसके तहत जो सोनोग्राफी सेन्टर पहले से चल रहे हैं, उनको 15 जुलाई तक एवं नए संस्थाओं में लगने वाली मशीनों पर कम्पनी की ओर से पहले से जीपीएस लगाने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान बिना जीपीएस लगी मशीन पाए जाने पर सोनोग्राफी सेंटर का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। 
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Updated: 15 Jul 2015, 5:21 AM IST
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प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या पर लगाम कसने की कवायद में सोनोग्राफी केन्द्रों को जीपीएस की जद में लेने की कवायद प्रारम्भ हुई है। इसके तहत जो सोनोग्राफी सेन्टर पहले से चल रहे हैं, उनको 15 जुलाई तक एवं नए संस्थाओं में लगने वाली मशीनों पर कम्पनी की ओर से पहले से जीपीएस लगाने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान बिना जीपीएस लगी मशीन पाए जाने पर सोनोग्राफी सेंटर का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा।

कोड से रहेगी नजर
मशीन पर जीपीएस सिस्टम लगाने के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से संबंधित संस्थान को कोड दिया जाएगा, जिसको दर्ज करने के बाद ही मशीन प्रारम्भ होगी तथा इसकी जानकारी विभाग को जैसे ही मशीन शुरू होगी वैसे ही मिल जाएगी। सोनोग्राफी की सारी हलचल विभाग के पास दर्ज होती रहेगी। इसी तरह जिस मरीज की सोनोग्राफी की जाएगी, उसको भी पंजीयन रसीद दिए जाने के निर्देश हैं।

जीपीएस की कवायद गत दिनों प्रदेश के कई जिलों में बिना पंजीयन के सोनोग्राफी संचालन करने की बात सामने आने के बाद की जा रही है। गौरतलब है कि जिले में महात्मा गांधी चिकित्सालय सहित 19 सोनोग्राफी सेंटर संचालित हो रहे हैं। सीएमएचओ डॉ. एच एल ताबीयार ने बताया कि इसके बारे में जानकारी मिली है तथा सोनोग्राफी संचालकों को इसके बारे में जानकारी दी जा रही है।
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