इस साल सोयाबीन की बुवाई कमजोर रह सकती है। हालांकि, पिछले दिनों हुई बारिश के बाद बुवाई ने जोर तो पकड़ा है, लेकिन उत्पादन घटने की आशंका है।
इस साल सोयाबीन की बुवाई कमजोर रह सकती है। हालांकि, पिछले दिनों हुई बारिश के बाद बुवाई ने जोर तो पकड़ा है, लेकिन उत्पादन घटने की आशंका है। सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के आंकड़ों के अनुसार अब तक 90.50 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई हो चुकी है, जिसमें राजस्थान में 10.28 लाख हेक्टेयर, मध्यप्रदेश में 42.66 लाख हेक्टेयर और महाराष्ट्र में 30.79 लाख हेक्टेयर है। सोपा के सर्वे के अनुसार 10 जुलाई तक करीब 90 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन बोया जा चुका है, जो सरकारी आंकड़े 55 लाख हेक्टेयर से अधिक है।
किसानों को कम मिले थे दाम
तेल कारोबारी अनिल चतर ने बताया कि किसानों को सोयाबीन के भाव पिछले साल की तुलना काफी कम मिले हैं। ऐसे में इस साल सोयाबीन की बुवाई में बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है, बल्कि इसमें थोड़ी गिरावट आ सकती है। किसानों द्वारा दूसरी फसलों को तरजीह देने से इस साल सोयाबीन का कुल रकबा पिछले साल से घट सकता है। पिछले साल सोयाबीन का रकबा 114.50 लाख हेक्टेयर था।