
निवाई. सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान में आचार्य सुन्दर सागर महाराज के पावन सान्निध्य में श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन अग्रवाल मंदिर में चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में मंगल ध्वनियों और जयघोष के साथ मंगल कलश की स्थापना हुई।
मीडिया प्रभारी सुनील भाणजा एवं मंदिर अध्यक्ष सुशील जैन ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके आचार्य शांतिसागर पाठशाला के बच्चों ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। पाद प्रक्षालन का सौभाग्य नेमीचंद, संजय कुमार एवं अंकित कुमार जैन सिरस वालों को प्राप्त हुआ। जिनवाणी भेंट करने का सौभाग्य जयपुर जैन समाज को मिला। हितेश छाबड़ा ने बताया कि चातुर्मास के मंगल कलशों में प्रथम शांतिनाथ कलश नेमीचंद, संजय कुमार एवं अंकित कुमार, द्वितीय आदिसागर कलश सुशील एवं नीरा आरामशीन वालों, तृतीय महावीर कीर्ति कलश कांति देवी एवं सुभाष कुमार चंवरिया, चतुर्थ विमल सागर कलश सुरेंद्र कुमार एवं श्रेयांश कुमार माधोराजपुरा, पंचम सन्मति सागर कलश शिखरचंद एवं आशीष कुमार सिरस वालों, षष्ठ सुंदर सागर कलश विष्णु कुमार एवं राहुल कुमार बोहरा तथा सप्तम जिनवाणी कलश हुकुमचंद, पारसमल एवं संजय कुमार जैन को प्राप्त हुआ।
इस दौरान विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य सुन्दर सागर महाराज ने कहा कि चातुर्मास आत्म जागरण, संयम, तप, स्वाध्याय और आत्मशुद्धि का पावन काल है। यह समय केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं, बल्कि अपने विचारों, व्यवहार और जीवन मूल्यों को परिष्कृत करने का भी अवसर है। कार्यक्रम में महेंद्र चंवरिया, महावीर माधोराजपुरा, सन्मति चंवरिया, लालचंद कठमाणा, सुशील कटारिया, भागचंद जैन, पवन बोहरा, अमित कटारिया, गिर्राज जैन, नेमीचंद जैन सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
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एनई3007सीसी-निवाई. चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह में श्रद्धालुओं को संबोधित करते आचार्य सुंदर सागर।