
पटोंदा. समीप के कटकड़ गांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी और जरूरी सुविधाओं के अभाव का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखाई दे रहा है। आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों की करीब 50 हजार आबादी इलाज और जांच के लिए इस अस्पताल पर निर्भर है। पर्याप्त सुविधाएं और जांच मशीनें उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारी प्रभारी डॉ. मुरारी लाल मीणा से बातचीत में सामने आया कि स्वीकृत पदों के मुकाबले पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं है। चिकित्सकों के साथ नर्सिंगकर्मियों और अन्य आवश्यक कर्मचारियों की कमी के कारण उपलब्ध स्टाफ पर काम का दबाव बना रहता है। 30 बैड वाले सीएचसी में स्त्री रोग विशेषज्ञ, अस्थि रोग विशेषज्ञ, सर्जन और मेडिकल ऑफिसर सहित कई पद रिक्त हैं।
अस्पताल में आवश्यक जांच या विशेषज्ञ चिकित्सक की सुविधा नहीं होने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर करना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त समय और परेशानी उठानी पड़ती है।
कटकड़ सीएचसी आसपास के गांवों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। ग्रामीण क्षेत्र में नजदीकी सरकारी चिकित्सा सुविधा होने के कारण बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वीकृत पदों के अनुसार स्टाफ की नियुक्ति के साथ जरूरी जांच और उपचार सुविधाओं का विस्तार किए जाने की आवश्यकता है।
इससे मरीजों को छोटी-छोटी जांच और उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा और उन्हें अपने क्षेत्र में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
इनका कहना है
स्वीकृत पदों के मुकाबले पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं है। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा रखा है।
डॉ. मुरारी लाल मीणा, सीएचसी प्रभारी।
फोटो कैप्शन.
कटकड़ गांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जहां सुविधाओं का अभाव है।