सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग का निर्णय
जयपुर। राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग 108 स्टार्टअप को 5 करोड़ रुपए की सहायता देगा। 28 स्टार्टअप को सस्टेनेंस अलाउंस, 9 को सीड फंडिंग, 25 को मार्केटिंग अलाउंस एवं एक स्टार्टअप को टेक्नो फंड दिया जाएगा। विभाग के प्रमुख शासन सचिव आलोक गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य स्तरीय कार्यान्वयन समिति की बैठक में यह निर्णय किया गया। इन 108 स्टार्टअप को राज्य सरकार के आईस्टार्ट मेंटरशिप प्रोग्राम के माध्यम से लगातार मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। इसके अलावा बजट घोषणा के तहत 42 स्टार्टअप को कोविड सीड ग्रांट देने का भी फैसला किया। बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के आयुक्त सन्देश नायक के अलावा राजस्थान वेंचर कैपिटल फंड तथा बिट्स-पिलानी, एमएनआईटी एवं आईआईटी जोधपुर सहित कई उच्च शिक्षा संस्थानों के प्रतिनिधी शामिल हुए।
इन सेक्टर में स्टार्टअप
अभी अलग-अलग सेक्टर में स्टार्टअप पर काम चल रहा है। इनमें मुख्य रूप से एग्रीकल्चर, एजुकेशन, हेल्थकेयर, आईटी, फाइनेंस, फूड, ट्रेवल-ट्यूरिज्म से जुड़े स्टार्टटप हैं। इसके अलावा विज्ञापन, मार्केटिंग, एयरोनॉटिक्स, एनीमेशन, ऑटोमोबाइल, खेल, सोशल, टेलीकम्यूनिकेशन, ट्रांसपोर्ट, केमिकल, कंस्ट्रक्शन, मेट्रोमोनियल, पैट्स एन्ड एनिमल व अन्य हैं।
संख्या बढ़ी, अब वर्चुअल इन्क्यूबेशन प्रोग्राम भी
स्टार्टअप में युवाओं की भागीदारी बढ़ने के बाद 'वर्चुअल इन्क्यूबेशन प्रोग्राम' की भी शुरुआत की जा चुकी है। टैक्नोहब में जगह की कमी और संख्या ज्याद होने के कारण ऐसा किया गया। हालांकि, निर्धारित मापदण्ड पूरा करने वालों को सरकारी फंडिंग, मेंटर सहित अन्य सुविधाएं भी मिलती रही है।
फैक्ट फाइल
-राजस्थान में पहली बार स्टार्टअप नीति 2015 लागू की गई
-2217 स्टार्टअप रजिस्टर्ड हुए हैं अब तक
-1461 स्टार्टअप स्वीकृत किए गए
-32 मेंटर शामिल हैं अभी
-109 स्टार्टअप को 6 करोड़ रुपए की फंडिंग दे चुकी सरकार