
जयपुर। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भूमि अधिग्रहण तथा वन भूमि की मंजूरी प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार को हर दो माह में एक बार बैठक आयोजित करनी चाहिए। राज्य सरकार को अत्यधिक विकास कार्यों को करना चाहिए। इसके लिए केंद्र सरकार हर संभव मदद देगी। राज्य सरकार को कंक्रीट पत्थर, मिट्टी को बिना रॉयल्टी के देना चाहिए। स्टील तथा सीमेंट के लिए कर्नाटक में 9 प्रतिशत जीएसटी है, इसमें भी अपने हिस्सा देना चाहिए। ऐसा होने पर राष्ट्रीय राजमार्गों के सभी बाईपास सड़कों के निर्माण के लिए मंजूरी दी जाएगी।
केंद्रीय मंत्री गडकरी कनार्टक के हुब्बल्ली शहर के गब्बूर क्रास स्थित ट्रक टर्मिनल के पास सोमवार शाम को आयोजित हुब्बल्ली-धारवाड़ बाईपास विस्तार कार्य का शिलान्यास तथा 12,795 करोड़ रुपए लागत के 925 किलोमीटर लंबे 25 राष्ट्रीय राजमार्गों के लोकार्पण समारोह का उद्घाटन कर बोल रहे थे।
कावेरी में भी जन मार्ग
गडकरी ने कहा कि भारत माला-2 योजना के तहत कोप्पल-चित्रदुर्ग, तुमकूर जिलों की अनेक सड़कों का विकास कार्य किया जा रहा है। हुब्बल्ली भाग में महत्वपूर्ण कार्य प्रगति में हैं। कर्नाटक की योजनाओं को तीन पैकेजों में उद्यो तथा पर्यटन उद्योग विकास की दृष्टि से किया जा रहा है। गंगा नदी पर जल मार्ग निर्माण किया है, कावेरी नदी पर भी जलमार्ग निर्माण कर सकते हैं।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण राज्य मंत्री ए. नारायणस्वामी ने कहा कि केंद्र सरकार ने भारत माला और सागर माला परियोजनाओं के माध्यम से सड़क परिवहन और समुद्री परिवहन में आमूलचूल सुधार लाया है। पर्वतमाला योजना के जरिए पूर्वोत्तर राज्यों के सड़क का विकास किया गया है।
राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि केंद्र सरकार को राज्य के प्रस्तावों को प्राथमिकता देना चाहिए। जिला मुख्य सड़कों को राजमार्ग से जोडऩे के कार्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
लोक निर्माण मंत्री सीसी पाटील ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के लिए केंद्र सरकार आर्थिक तथा तकनीकी समर्थन दे रही है।
जीएसटी हटाने को तैयार : बोम्मई
मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि सड़कों और बुनियादी ढांचे के विकास से आर्थिक, कृषि और सांस्कृतिक क्षेत्र का सर्वांगीण विकास संभव है। लोहा, सीमेंट अन्य वस्तुओं पर केंद्र सरकार की जीएसटी हटाकर, रेत आदि खनिजों पर राजस्व छूट देने को सरकार तैयार है। सड़कों का विकास होने पर विभिन्न करों के रूप में आर्थिक संसाधन बढ़ते हैं। इस बारे में राज्य तथा केंद्र सरकार के बीच शीघ्र समझौता होगा। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में लागू करने के लिए प्रस्तावित परिवर्तनों को राज्य में ही क्रियान्वित कर संपूर्ण राज्य के खास तौर पर उत्तर कर्नाटक के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।