
rajasthan politics : प्रदेश विधानसभा चुनाव में भले ही भाजपा को पूर्ण बहुमत मिल गया हो लेकिन राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत का कहना है कि लड़ाई अभी जारी है। दरअसल मीडिया से बातचीत में पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि आगे भी विकास को लेकर लड़ाई रहेगी। मुझे पूरा विश्वास है कि नई सरकार पुरानी योजनाओं को चाहे OPS हो या महंगाई राहत शिविर हो सबको लागू करेगी।
इससे पहले भी मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए अशोक गहलोत ने कहा, मुझे हारने का जितना दुख नहीं है उतना मुझे इस देश की चिंता है कि देश में क्या हो रहा है। हार-जीत तो होती है, मैंने राजस्थान में अपना फर्ज़ पूरा किया। देश में जो हो रहा है उसपर लोगों को चिंतित होना चाहिए। यह बयान यह भी इशारा कर रहा है कि अब अशोक गहलोत राष्ट्रीय राजनीति का हिस्सा बनेंगे।
वहीं इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 2024 के आम चुनावों के लिए पांच सदस्यीय राष्ट्रीय गठबंधन कमेटी गठित की। इसमें राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सलमान खुर्शीद, मुकुल वासनिक और मोहन प्रकाश को शामिल किया गया। वासनिक को कमेटी का संयोजक बनाया गया है।
कमेटी लोकसभा चुनाव के लिए अन्य दलों से गठबंधन को लेकर चर्चा करेगी। इस बीच यह साफ हो चुका है कि राजस्थान विधानसभा में अशोक गहलोत नेता प्रतिपक्ष नहीं बनेंगे। इससे पहले भी अशोक गहलोत ने नेता प्रतिपक्ष का पद लेने से इंकार कर दिया था। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस 199 में से सिर्फ 69 सीटें मिल सकीं। आपको बता दें कि देश में अगले साल लोकसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। वहीं राजस्थान में विधानसभा चुनाव में जीत और सरकार बनने के बाद भाजपा पूरे उत्साह में है और उसने लोकसभा चुनाव की तैयारियां भी शुरू कर दी है। वहीं कांग्रेस में हार के बाद मायूसी है और पार्टी के नेता भी अगले चुनाव को लेकर फिलहाल कोई तैयारी नहीं कर रहे है।