जयपुर

सर्दी, खांसी के मौसम में अलर्ट, इन दवा से रहें दूर, मिली गंभीर अमानक

यह दवा आमतौर पर सर्दी, खांसी और श्वसन तंत्र की अन्य समस्याओं के इलाज के लिए उपयोग की जाती है।
less than 1 minute read
Jan 01, 2026
Four-fold disparity in the prices of medical tests and medicines in MP
Four-fold disparity in the prices of medical tests and medicines in MP (पत्रिका फाइल फोटो)

जयपुर। सर्दी के मौसम में सर्दी, खांसी बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसी बीच इनके उपचार के लिए मरीजों को दी जाने वाली जेनोवोलएसएफ(एंब्रोक्सोल हाइड्रोक्लोराइड, टर्ब्यूटालीन सल्फेट, ग्वाइफेनेसिन एवं मेंथॉलसिरप) दवा गंभीर अमानक मिली है। यह दवा आमतौर पर सर्दी, खांसी और श्वसन तंत्र की अन्य समस्याओं के इलाज के लिए उपयोग की जाती है। दवा में एंब्रोक्सोलहाइड्रोक्लोराइड का दावा 15एमजी था, लेकिन परीक्षण में यह 10.35 एमजी पाया गया। जो 69% से भी कम है। मेंथॉल का दावा 1एमजी था, लेकिन यह 0.639एमजी ही पाया गया, जो 161.9% तक कम था। डीईजी(डाइएथिलीनग्लाइकोल) हानिकारक रासायनिक तत्व का स्तर 0.584% पाया गया, जबकि इसका मानक स्तर 0.1% से कम होना चाहिए।

औष​धि नियंत्रक अजय फाटक ने बताया कि इस दवा के निर्माता बी शारदा लाइफ साइंसेज गुजरात को लेकर आगे की जांच की जाएगी और उनकी अन्य दवाओं के नमूनों को भी जांच के लिए लिया जाएगा। आयुक्तालय ने केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की 29 दिसंबर 2025 की अधिसूचना के बाद राज्य में 100 मिलीग्राम से अधिक निमेसुलाइड वाली दवाओं की निर्माण, बिकी और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। निमेसुलाइड बहु उपयोगी दवा है। जो मुख्यत: दर्द और सूजन को कम करने के लिए प्रयोग की जाती है। विशेष रूप से गठिया, मांसपेशियों में दर्द, सिर दर्द और अन्य सूजन संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए इस्तेमाल होती है। विशेषज्ञों के अनुसार इसके अत्यधिक और गलत उपयोग से किडनी, लिवर और पेट से संबंधित गंभीर समस्याएं हो सकती है। इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे लेकर कड़ा कदम उठाया है।

Published on:
01 Jan 2026 09:18 pm