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जयपुर: शहर के फेमस रेस्टोरेंट ग्रुप के 33 ठिकानों पर आयकर का छापा, नहीं मिला संभलने का मौका

आयकर विभाग ने राजधानी जयपुर समेत कई शहरों में बुधवार को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। शहर के फेमस रेस्टोरेंट के 33 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी से रेस्टोरेंट संचालकों में हड़कंप मच गया। इस कार्रवाई में करोड़ों रुपए की अघोषित आय उजागर होने की संभावना है।
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जयपुर

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Kamal Mishra

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Updated: 18 Feb 2026, 9:38 PM IST

income tax raid

फाइल फोटो-पत्रिका

जयपुर। शहर की प्रमुख रेस्टोरेंट चेन कंपनी के 33 ठिकानों पर बुधवार को आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा ने कार्रवाई शुरू की। विभाग की टीम ने सबसे पहले जयपुर में सुबह 7 बजे रेस्टोरेंट संचालक के हिम्मत नगर, टोंक रोड स्थित मुख्य कार्यालय पर दबिश दी, इसके बाद सीतपुरा औद्योगिक क्षेत्र, प्रताप नगर, महेश कॉलोनी, टोंक फाटक, किशनपोल बाजार, एयरपोर्ट प्लाजा, आमेर रोड स्थित दो दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर विभाग के अधिकारियों ने कार्रवाई कर दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड कब्जे में लिए।

आयकर सूत्रों के अनुसार इस रेड में जयपुर के 26, उदयपुर में 2, कोटा, श्रीगंगानगर, करौली, हिंडौन और मुबंई में 1-1 ठिकाने शामिल हैं। गौरतलब है कि आयकर चोरी की शिकायतों और वित्तीय लेनदेन में अनियमितताओं की आशंका के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

ग्रुप ने आमेर रोड पर बनाया है पांच सितारा होटल

ग्रुप के फ्रैंचाइजी मॉडल से जुड़े रेस्टोरेंट और होटल के संचालकों पर भी कार्रवाई की जा रही है। यह स्टोरेंट समूह न केवल राजस्थान बल्कि देश के कई हिस्सों में बेहद फेमस है। 2008 में शुरू हुआ यह ग्रुप बेहद कम समय में ही लोगों की जुबान पर चढ़ गया। ग्रुप के रेस्टोरेंट फूड आइटम्स के साथ पारंपरिक मिठाइयों और नमकीन के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में ग्रुप ने आमेर रोड पर एक पांच सितारा होटल भी बनाया है। इसके अलावा ग्रुप एफएमसीजी उत्पादों की बिक्री में भी सक्रिय है।

लम्बे समय से रडार पर था ग्रुप

राजस्थान के कुछ हिस्सों में खराब मौसम और बारिश के बावजूद आयकर टीमों ने पूरी गोपनीयता के साथ इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई ने संचालकों को संभलने का मौका नहीं दिया। यह ग्रुप लम्बे समय से विभाग के रडार पर था। फिलहाल विभाग के अधिकारी ठिकानों से जब्त किए वित्तीय दस्तावेज, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और बैंक खातों की डिटेल्स की जांच-पड़ताल कर रहे हैं। इस कार्रवाई में करोड़ों रुपए की अघोषित आय उजागर होने की संभावना है।