(Rajasthan Highcourt) हाईकोर्ट ने (Inside Airport) एयरपोर्ट के भीतर चलने वाली (Buses) बसों पर (Transport Deptt) परिवहन विभाग की ओर से की जा रही (Tax recovery) टैक्स वसूली पर (stay) रोक लगाते हुए (Sec Transport) परिवहन सचिव, (commissioner transport) परिवहन आयुक्त और (DTO) डीटीओ सहित अन्य से (reply) जवाब मांगा है।
जयपुर
(Rajasthan Highcourt) हाईकोर्ट ने (Inside Airport) एयरपोर्ट के भीतर चलने वाली (Buses) बसों पर (Transport Deptt) परिवहन विभाग की ओर से की जा रही (Tax recovery) टैक्स वसूली पर (stay) रोक लगाते हुए (Sec Transport) परिवहन सचिव, (commissioner transport) परिवहन आयुक्त और (DTO) डीटीओ सहित अन्य से (reply) जवाब मांगा है। न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश सी.के.सोनगरा की बैंच ने यह आदेश इंडोथाई एयरपोर्ट सर्विस प्रा.लि.की याचिका पर दिए।
याचिका में कहा गया कि केन्द्रीय परिवहन मंत्रालय ने वर्ष 1992 में एक अधिसूचना जारी कर एयरपोर्ट के अंदर चलने वाली बस, ट्रेक्टर आदि को छूट की श्रेणी में माना था। इस कारण न तो इन वाहनों के पंजीकरण की जरुरत है और ना ही इन पर टैक्स लगाया जा सकता है। इन्हें चलाने वालों के लिए मोटर व्हीकर एक्ट के तहत ड्राइविंग लाईसेंस लेने की भी आवश्यकता नहीं होती। इन वाहनों को चलाने वालों को अलग से विशेष किस्म की ट्रेनिंग दी जाती है और एयरपोर्ट आॅथोरिटी ही इन ड्राइवरो को एक लाईसेंस देता है।
इसके बावजूद परिवहन विभाग ने अधिसूचना जारी कर कानून में संशोधन करके याचिकाकर्ता की बसों पर कुल करीब ढ़ाई करोड का टैक्स वसूलने के आदेश जारी कर दिए। याचिका में कहा गया कि एक बस की कीमत करीब 25 लाख रुपए है, लेकिन परिवहन विभाग एक बस पर 73 लाख रुपए तक का टैक्स वसूलने की कार्रवाई कर रहा है। कोर्ट ने टैक्स वसूली पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।