नगर निगम जयपुर की कार्यशैली में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। आयुक्त ओम कसेरा ने पदभार संभालते ही साफ कर दिया है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और हर अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
जयपुर। नगर निगम जयपुर की कार्यशैली में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। आयुक्त ओम कसेरा ने पदभार संभालते ही साफ कर दिया है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और हर अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
मंगलवार को मुख्यालय में हुई पहली ही बैठक में कसेरा ने निर्देश दिए कि आमजन से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ धरातल पर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि निगम की नकारात्मक छवि को बदलना प्राथमिकता है और इसके लिए काम में गति और पारदर्शिता जरूरी है।
करीब दो घंटे चली मैराथन बैठक में विभिन्न शाखाओं—स्वास्थ्य, राजस्व, स्वच्छ सर्वेक्षण-2026, अग्निशमन, विद्युत, उद्यान, पशु प्रबंधन और हैरिटेज सेल—के कामकाज की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर लंबित शिकायतों का जल्द निस्तारण किया जाए। 30 दिन से अधिक लंबित मामलों को 7 दिन में और अन्य मामलों को जल्द निपटाने के आदेश दिए गए हैं।
7 दिन में कबाड़ साफ, जोन स्तर पर अभियान
आयुक्त ने सभी जोन उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अगले 7 दिनों में जोनों में पड़े कबाड़ और अनुपयोगी सामान का निस्तारण किया जाए। मुख्यालय से इसकी शुरुआत भी हो चुकी है, जहां निरीक्षण के बाद सफाई अभियान चलाकर कबाड़ हटाया गया।
अतिक्रमण और अवैध निर्माण पर सख्ती
कसेरा ने साफ कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण पर फोकस
शहर में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को समय पर सेवा मिल सके।
राजस्व वसूली और फायर एनओसी पर भी जोर
आयुक्त ने वर्ष 2026-27 के लिए अभी से राजस्व वसूली के प्रयास तेज करने और फायर एनओसी प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को परेशानी न हो।