राहगीरों की आवाजाही सुगम करने के उद्देश्य से रामनिवास बाग, बापू बाजार और रामलीला मैदान को जोडऩे के लिए सब वे (भूमिगत रास्ता) का निर्माण किया जाएगा। इससे बनने से उन लोगों को सर्वाधिक फायदा होगा, जो रामनिवास बाग की भूमिगत पार्किंग में गाड़ी खड़ी करके परकोटे के बाजारों में खरीदारी करने के लिए जाते हैं।
जयपुर। पैदल राहगीरों की आवाजाही सुगम करने के उद्देश्य से रामनिवास बाग, बापू बाजार और रामलीला मैदान को जोडऩे के लिए सब वे (भूमिगत रास्ता) का निर्माण किया जाएगा। इससे बनने से उन लोगों को सर्वाधिक फायदा होगा, जो रामनिवास बाग की भूमिगत पार्किंग में गाड़ी खड़ी करके परकोटे के बाजारों में खरीदारी करने के लिए जाते हैं। जेडीए अधिकारियों का कहना है कि अधिक से अधिक लोग उपयोग करें, इसके लिए लिफ्ट का भी प्रावधान करने की योजना है।
गुरुवार को जेडीसी सिद्धार्थ महाजन ने निरीक्षण के दौरान सब वे के लिए विस्तृत फिजिबिलिटी रिपोर्ट शीघ्र तैयार करने के लिए कहा।
भूमिगत पार्किंग के उपयोग पर जोर
निरीक्षण के दौरान जेडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रामनिवास बाग पार्किंग का अधिकतम उपयोग बेहतर तरीके से किया जाए। तभी आमजन और परकोटे में आने वाले लोगों को सुगम पार्किंग सुविधा मिलेगी। तभी मुख्य बाजारों से यातायात का दबाव
कम किया सकेगा।
ये होगा फायदा
सब वे से बापू बाजार की ओर जाने वाले लोग: जौहरी बाजार, बड़ी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार और हवामहल बाजार आसानी से जा सकेंगे।
सब वे से रामलीला मैदान मैदान की ओर जाने वाले लोग: चौड़ा रास्ता, नेहरू बाजार, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़, किशनपोल बाजार और छोटी चौपड़ पर जा सकेंगे।
इसलिए की जा रही कवायद
-रामनिवास बाग में गाड़ी पार्क करने के बाद परकोटा के बाजारों में कनेक्टिविटी नहीं है। मुख्य सडक़ पर ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है। सब वे बनने से लोग बिना किसी डर के आवाजाही कर सकेंगे।
ये भी होगा
-रामनिवास बाग में निगम की ओर से बनाए जा रहे स्पॉट्र्स एकेडमी में सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
-देशी-विदेशी पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
इनका भी उपयोग जरूरी
-कई वर्ष से अजमेरी गेट पर बने सब वे का उपयोग नहीं हो रहा है। कुछ माह पहले इसे खोला भी गया था, लेकिन आज तक इसको उपयोगी नहीं बनाया जा सका। राहगीर सब वे में जाने की बजाय वाहनों के बीच सडक़ पार करना ज्यादा आसान समझते हैं।
-जवाहर सर्कल पर कुछ वर्ष पहले बनाए गए सब वे अब तक उपयोगी साबित नहीं हो पाए हैं। सुबह चुनिंदा लोग जरूर इसका उपयोग करते हैं। दिन में लोग इनका उपयोग नहीं करते। यदि लोगों को जागरुक किया जाए तो उपयोगिता को बढ़ाया जा सकता है।
खास-खास
-2600 चार पहिया वाहन खड़े करने की क्षमता है रामनिवास बाग की भूमिगत पार्किंग में
-1200 से 1300 वाहन ही रोज खड़े हो रहे पार्किंग में इन दिनों, आधाी पार्किंग रहती है खाली
…तो नो व्हीकल जोन बन जाए परकोटा
यदि चार पहिया वाहनों को रामनिवास बाग की पार्किंग में खड़ा किया जाने लगे तो परकोटा में वाहनों का दबाव कम हो जाए। अभी पार्किंग क्षमता से आधी पर संचालित हो रही है। यदि निगम और यातायात पुलिस सख्ती दिखाए तो जौहरी बाजार, किशनपोल बाजार, चौड़ा रास्ता और त्रिपोलिया बाजार में नो व्हीकल जोन बन जाएंगे।