जयपुर

Success Story: 6 साल की जिद… 13 बार हुआ फेल, फिर एक साथ तीन नौकरियों में मिली सफलता, RSSB अध्यक्ष ने साझा की प्रेरक कहानी

RSSB अध्यक्ष आलोक राज ने इस अभ्यर्थी की कहानी से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट को री-शेयर करते हुए इसे अत्यंत प्रेरणादायक बताया। उन्होंने लिखा, “डटे रहो, जुटे रहो, सफलता जरूर मिलेगी।”

2 min read
Jan 27, 2026
फोटो-@kambesh78

जयपुर। लगातार असफलताओं के बाद भी हार न मानने की जिद क्या रंग ला सकती है, इसका बेहतरीन उदाहरण हाल ही में सामने आया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) के अध्यक्ष आलोक राज ने एक ऐसे अभ्यर्थी की संघर्षपूर्ण सफलता यात्रा को सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसने छह वर्षों तक लगातार प्रयास किए और आखिरकार एक साथ तीन सरकारी भर्तियों में चयनित हुआ।

यह अभ्यर्थी वर्ष 2020 से लेकर अब तक कुल 16 भर्ती परीक्षाओं में शामिल हुआ। इस दौरान उसे 13 परीक्षाओं में असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उसने तैयारी नहीं छोड़ी। लंबी मेहनत और धैर्य का परिणाम यह रहा कि वर्ष 2025 में वह पुलिस कांस्टेबल, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और ड्राइवर भर्ती परीक्षा में सफल घोषित हुआ।

ये भी पढ़ें

Success Story: लंदन की नौकरी छोड़ उदयपुर लौटे साहिल की कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल.. जो नौकरी को मंजिल नहीं मानते

आलोक राज ने क्या लिखा?

आलोक राज ने इस अभ्यर्थी की कहानी से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट को री-शेयर करते हुए इसे अत्यंत प्रेरणादायक बताया। उन्होंने लिखा, “डटे रहो, जुटे रहो, सफलता जरूर मिलेगी।” बोर्ड अध्यक्ष की इस प्रतिक्रिया के बाद पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और लोग अभ्यर्थी के जज्बे की सराहना कर रहे हैं।

दरअसल, एक यूजर द्वारा साझा की गई तस्वीर में अभ्यर्थी की फोटो के साथ उन सभी परीक्षाओं का विवरण दिया गया था, जिनमें वह पहले सफल नहीं हो सका। पोस्ट में यह भी बताया गया कि किस तरह बार-बार असफल होने के बावजूद उसने अपनी तैयारी जारी रखी।

इन परीक्षाओं में हुआ फेल

जानकारी के अनुसार, अभ्यर्थी ने वर्ष 2018 और 2021 में एग्रीकल्चर सुपरवाइजर परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद 2021 से 2025 के बीच उसने वीडीओ (मेन्स), पटवारी, पुलिस कांस्टेबल, एसएससी, सीआरपीएफ, असिस्टेंट एग्रीकल्चर ऑफिसर, जेल प्रहरी सहित कई भर्तियों में भाग लिया। हर बार निराशा हाथ लगी, लेकिन अंततः उसकी मेहनत रंग लाई और तीन भर्तियों में एक साथ चयन हुआ।

यह कहानी उन लाखों अभ्यर्थियों के लिए उम्मीद की मिसाल है, जो असफलताओं से निराश होकर आगे बढ़ने का हौसला खो देते हैं।

ये भी पढ़ें

Success story: पहले जवान बेटे… फिर दामाद की हुई मौत, फिर भी नहीं मानी हार, अलवर की लक्ष्मी शर्मा आज बनीं सफल व्यापारी

Also Read
View All

अगली खबर